नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के अरनिया, आरएस पुरा और रामगढ क्षेत्रमें पाकिस्तानकी ओर से बीती रात से भारी गोलीबारी की जा रही है। पाकिस्तानकी तरफ से यह गोलीबारी देर रातसे मंगलवार सुबहतक जारीहै, जिसका सीमा सुरक्षा बलकी (बीएसएफ) ओर से प्रत्युत्तर दिया जा रहा है। इस गोलीबारीके चलते सीमासे सटे गांवके लोग प्रभावित हुए हैं। सूत्रोंके अनुसार पाक सेनाकी गोलीबारीकी आडमें लश्कके आतंकी घाटी में घुसना चाह रहे हैं।
१०० से अधिक गांवको कराया गया खाली
आतंकी किसी बडी घटनाको ना कर सके, इसके लिए सेना द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सावधानीके लिए घाटीके १०० से अधिक गांवोको सेनाने खाली करवा दिया है और लोगोंको सुरक्षित स्थानोंपर पहुंचाया जा रहा है।
जम्मूमें पाककी गोलीबारीमें बच्चेकी मृत्यु, छह घायल
इससे पहले रविवारको पाकिस्तानी सैनिकोंने जम्मू जिलेमें सीमा चौकियों और गांवोंको मोर्टारके गोलों एवं छोटे हथियारोंसे निशाना बनाया, जिससे आठ महीनेके एक बच्चेकी मृत्यु हो गयी और एक विशेष रक्षाबल अधिकारी सहित छह लोग घायल हो गए। अधिकारियोंने बताया कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमापर कई क्षेत्रोंमें सीमा पारसे गोलीबारीकी गई, जिसका भारतीय सैनिकोंने उत्तर दिया।
आठ महीनेका नितिन कुमार नियंत्रण रेखापर पल्लनवाला क्षेत्रमें अपने घरके बाहर अपने परिवारके साथ सो रहा था जब पाकिस्तानकी गोलीबारीमें उसकी मौत हो गयी, जबकि अरनिया क्षेत्रमें अंतरराष्ट्रीय सीमापर पाकिस्तानकी गोलीबारीमें एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) सहित छह लोग घायल हो गए हैं। इससे पहले जम्मू जिलेमें दो दिन पहले पाकिस्तानकी गोलीबारीमें बीएसएफके एक जवान एवं चार आम नागरिकोंकी मृत्यु हो गई थी।
जम्मू-कश्मीरकी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्तीने शनिवारके गोलीबारीमें प्रभावित हुए कुछ लोगोंसे मिलीं और घटनाओंको ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया। उन्होंने कहा कि गोलीबारी ऐसे समयमें हुई जब रमजानका महीना आरम्भ ही हुआ और राज्यके लोगोंने पाक महीनेमें राज्यमें सुरक्षा संबंधी अभियानोंपर एकतरफा रोक की केंद्र सरकारकी घोषणाके बाद राहत की श्वास ली थी। वहीं, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंहने कहा कि रमजानके पवित्र महीनेमें लोगोंकी जान लेकर पाकिस्तानने पवित्र महीनेका ‘‘अनादर किया है।’’
बीएसएफने बताया कि सीमा पारसे रविवार सुबह लगभग सात बजेसे मोर्टारसे गोले दागने शुरू हुए। पाकिस्तानकी गोलाबारीमें विक्रम, चिनाज और जबोवालकी सीमा चौकियां प्रभावित हुईं। बीएसएफके एक अधिकारीने कहा कि सीमाकी सुरक्षामें तैनात बीएसएफके जवानोंने कार्रवाई की और दोनों पक्षोंके बीच गोलीबारी दोपहर करीब दो बजे रूकी। पाकिस्तान रेंजर्सने अरनिया कस्बेमें मोर्टारके गोले बरसाए जिनमें से एक पुलिस थानेपर गिरा जिससे उसकी दीवार और बाहर खडे कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। भारी गोलीबारीसे स्थानीय लोगोंके बीच भय उत्पन्न हो गया और उन्होंने अपने घर खाली करने शुरू कर दिए।
बीएसएफसे गोलीबारी रोकने की ‘‘विनती’’ करनेके एक दिन बाद पाकिस्तानकी ओर से यह गोलाबारी शुरू हुई। इससे पहले शनिवारको बीएसएफकी कार्रवाईमें उनका एक जवान मारा गया था, जिसके बाद उन्होंने यह अपील की थी। जम्मूके वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक गुप्ताने बताया कि अरनियामें पाकिस्तानकी ओर से की जा रही गोलेबारीमें ६२ वर्षकी एक महिला दर्शना देवी और एक एसपीओ सहित छह लोग घायल हो गए।
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