मध्य प्रदेशमें किसानोंकी दुर्दशा, १ रुपया प्रति किलो प्याज विक्रय करने को हैं विवश


भोपाल: पूरे देशमें किसानकी दशा दयनीय है। कहीं ऋणका भार है तो कहीं फसलका सही भाव न मिलने से किसान परेशान हैं।  प्रदेशके किसान भी इसी समस्‍यासे दो चार हो रहे हैं। इसी बीच भोपालकी सब्‍जी मंडीमें किसानोंकी दुर्दशा देखने को मिली । व्‍यापारियोंसे प्‍याजका सही भाव न मिलनेके कारण अब किसानोंको स्वयं इसे विक्रय करना पड रहा है। किसान प्‍याजको १ से लेकर ३ रुपये किलो तक बेचने को विवश हैं।

समाचार विभाग ANI से बात करते हुए इन किसानोंका कहना था कि हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसलिए हमें प्‍याजको सब्‍जी मंडीमें बेचना पड रहा है। हमें तो समझ नहीं आ रहा कि हमें भावांतर भुगतान योजनाका लाभ कब मिलेगा।


ज्ञात हो कि गत सप्ताह आए समाचारके अनुसार नीमचकी सबसे बडी प्याज मंडीमें प्याजके क्रय आरम्भ होनेके बाद व्यापारियोंकी चांदी गई है तो किसानोंकी दुर्दशा है। मंडीमें व्यापारी गुटबाजी करके किसानोंसे मनमाने ढंगसे भाव लगाकर बोली लगा रहे हैं। बोलीकी शुरुआत ५० पैसेसे आरम्भ हुई और एक-दो रुपये पर जाकर समाप्त हो रही है। व्‍यापारियोंकी इस कृत्यसे किसान क्रोधित हैं। ५० पैसे आरम्भ हुई बोली अधिक से अधिक ५ से ६ रुपये पहुंच रही है। वहीं यही सब दो दिन पहले तक लगभग दो गुणा मूल्य पर विक्रय हो रहा था।

व्‍या‍पारियोंने मंडीमें विक्रय आरम्भ होते प्‍याजके मूल्योंमें गिरावट कर दी है। किसानोंका कुछ प्याज तो व्यापारी क्रय तक नहीं रहे हैं। वहीं यदि उन्‍हें क्रय करनेको कहा भी जाता है तो बोली ५० पैसेसे आरम्भ हो रही है। क्रोधित किसानोंने मंडी कार्यालयका घेराव कर संतोषजनक उत्तर न मिलने पर इंदौर सडकपर यातायात बाधित भी किया था ।



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