धर्मधारा
पाकिस्तान अपने कुकृत्योंसे बार-बार यह सिद्ध कर रहा है कि वह मानवतावादका पक्षधर नहीं ! कश्मीरमें उसका छद्म युद्ध करना, उसकी आसुरी वृत्तिका परिचायक है । ऐसे असुरोंका समूल संहार ही इस देशको सुरक्षा प्रदान कर सकता है । अब कोई छोटी-मोटी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं, निर्णायक युद्ध चाहिए । एक ऐसा युद्ध जिसके पश्चात यह आसुरी देश, भारतकी ओर वक्र दृष्टिसे देखनेका दुस्साहस कभी न कर सके । युद्धके हम पक्षधर नहीं; किन्तु कुटिल शत्रुके हाथों प्रतिदिन मरनेसे एक दिन मरना अधिक अच्छा होता है !
Leave a Reply