साधनाके लिए अनुपयुक्त प्रश्न पूछकर स्वयंका तथा अन्योंका समय व्यर्थ न करें !
जब ईश्वरप्राप्ति हेतु मन तथा बुद्धि नष्ट करना है तो मन तथा बुद्धिसे पूछे गए अनेक प्रश्नोंके उत्तर ढूंढनेमें समय क्यों व्यर्थ करें ? वही समय साधनामें देनेसे शीघ्र प्रगति होती है ।
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