जून ४, २०१८
सरकारके प्रति अपना रोष प्रकट करते हुए हरियाणाके जीन्दमें लगभग १२० दलितोंने बौद्ध धर्म अपना लिया है । सरकारकेद्वारा मांगे पूरी न की जानेके बाद इन लोगोंने दिल्लीके ‘लद्दाख बौद्ध भवन’में जाकर बौद्ध धर्मको अपनाया । दलित नेता दिनेश खापडने बताया कि वह पिछले ११३ दिनोंसे जीन्दमें धरने पर थे; लेकिन राज्य सरकारने हमारी एक भी बात नहीं सुनी ।
उन्होंने बताया कि कई बार हमारे समाजके लोग मुख्यमन्त्री मनोहर लाल खट्टरसे भी मिले; लेकिन सरकारकी ओर से सिर्फ आश्वासन ही दिया गया । उन्होंने बताया कि हम कोई नई मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि जो सरकारने वादे किए थे उन्हीं को पूरा करनेके लिए कह रहे हैं ।
वास्तव में, इन सभीकी मांग हैं कि सामूहिक बलात्कारकी ‘सीबीआई’ जांचकी जाए, ईश्वर हत्याकाण्डके परिजनोंको नौकरी दी जाए, जम्मूमें शहीद हुए दलित परिवारको नौकरी दी जाए और इसके अतिरिक्त ‘एससी/एसटी एक्ट’में अध्यादेश लाया जाए !
दिनेश खापडने कहा कि जब सरकारने उनकी मांगोंको नहीं माना, तो उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया । उनका आक्षेप है कि हिन्दू समाजके ठेकेदार, दलितोंका शोषण करने में लगे हैं, ऐसे में धर्म बदलना विवशता बन गई ।
आपको बता दें कि पिछले कुछ समयमें दलितोंके विरुद्ध हिंसामें बढोतरी हुई है, इसके अतिरिक्त हाल ही में सुप्रीम कोर्टद्वारा ‘एससी/एसटी एक्ट’में किए गए बदलावके बाद भी दलितोंका रोष देखनेको मिला था ।
स्रोत : आज तक
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