जून १६, २०१८
शिवसेनाने संयुक्त राष्ट्रकी (यूएन) कश्मीरपर आए विवरणका आश्रय लेकर मोदी शासनकी विदेश नीतिपर प्रश्न किए । उसका कहना है कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीकी इतनी विदेश यात्राओंसे भारतको अन्तरराष्ट्रीय स्तरपर कोई लाभ नहीं मिला, इसके विपरीत छवि बिगडी है । गुरुवारको प्रकाशित ‘यूएन’की एक विवरणमें भारतको कश्मीरमें मानवाधिकार उल्लंघनका उत्तरदायी बताया गया था ।
केन्द्र और महाराष्ट्र शासनमें भाजपाके सहयोगी दल शिवसेनाने शनिवारको अपने मुख्यपत्र ‘सामना’में मोदीकी विदेश यात्राओंको विफल बताया । शिवसेनाने कहा, कश्मीरमें हत्याएं हो रहीं हैं और मोदी विदेश यात्राओंमें व्यस्त हैं और रक्षा मन्त्री दलका कार्य कर रहीं हैं ।” शिवसेनाने रमजानमें आतंकियोंके विरुद्ध अभियान रोकनेको एकपक्षीय संघर्ष विराम बताया । साथ ही पत्रकार शुजात बुखारीकी हत्याके प्रकरणमें भी केन्द्रकी आलोचनाकी है ।
मोदी शासनमें उपहास बनी देशकी सुरक्षा –
शिवसेनाने लिखा, ” राम मन्दिरका निर्माण अभीतक नहीं हुआ ! भगवान अब भी वनवासमें हैं । देशकी सुरक्षाका उपहास किया है । यह भगवान भरोसे है ! रमजानके मध्य हिंसा और आतंकियोंद्वारा की जा रहीं हत्याओंके लिए शासनको उत्तरदायी ठहराना चाहिए । कश्मीरमें गत ४ माहमें ४०० लोग मृत हो चुके हैं, जिसमें अधिकतर सेना के जवान हैं ।”
सम्पादकीयके अनुसार, जहां एक ओर कहा जा रहा है कि मोदी भारतको विश्वमें महत्वपूर्ण स्थानपर ले जा रहे हैं; लेकिन कश्मीरपर ‘यूएन’के विवरणके बाद उनका झूठ सामने आ गया है । कश्मीरपर भारतके साथ कोई भी देश खडा नहीं होना चाहता ! हम ‘यूएन’में अपना मजबूत पक्ष रखना चाहिए था; लेकिन असफल रहे ! भाजपाके सत्ताके लालचने कश्मीरको, पूर्व प्रधानमन्त्री जवाहर लाल नेहरु और कांग्रेससे अधिक हानि की है ।”
स्रोत :दैनिक भास्कर
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