जम्मू-कश्मीरमें सेनाके अभियान ‘आल आउट’में बान्दीपोरामें चार आतंकी ढेर !


जून १८, २०१८

जम्मू-कश्मीरमें एकपक्षीय संघर्ष विराम समाप्त किए जानेकी घोषणासे जवानोंका मनोबल बढ गया है । ‘रमजान’में पत्थरबाजोंके हिंसक प्रदर्शनके समय शासनने सुरक्षा बलोंके हाथ बांधे हुुए थे । अब सुरक्षा बलोंने आतंकियोंके विरुद्ध कमर कस ली है । पत्थरबाजोंके विरुद्ध सख्त कार्रवाई आरम्भ कर दी है । संघर्ष विराम समाप्त होते ही सोमवारको बान्दीपोरामें सुरक्षाबलों और आतंकियोंके मध्य भिडन्त चल रही है, जिसमें अभी तक सेनाने चार आतंकियोंको मार दिया है । उधर, बिजबेहरा क्षेत्रमें कुछ आतंकियोंके छिपे होनेके समाचारके पश्चात सेनाने क्षेत्रका घिराव किया है ।

वहीं जून १४ को पुलवामामें आतंकियोंद्वारा मारे गए औरंगजेबकी मृत्युके बाद उसके कुटुम्बसे मिलनेके लिए सेनाध्यक्ष बिपिन रावत उसके पूञ्छ स्थित घर पहुंचे हैं । जवानका पार्थिव शरीर गूसू गांवसे मिला था ।

सुरक्षा बलोंने रमजानमेें पथराव करने वाले युवाओंकी पहचान करनी आरम्भ कर दी है । सुरक्षा बलोंके लिए ‘श्री अमरनाथ यात्रा’की सुरक्षा बडी चुनौती है । अमरनाथ यात्राकी सुरक्षाके लिए केन्द्रीय सुरक्षा बलकी ८० कम्पनियां जम्मू-कश्मीर पहुंच गई हैं, इनमेंसे ३० जम्मूमें तैैनातकी गई हैं । ‘आईजी’ जम्मू एसडी सिंह जमवालके अनुसार शिविरोंमें बिजलीका विशेष प्रबन्ध किया गया है ।
‘ईद’के अगले दिन गृहमन्त्री राजनाथ सिंहने जम्मू और कश्मीरमें संघर्ष विरामको समाप्त कर दिया था । शासनद्वारा एक माहतक युद्ध विरामकी घोषणा किए जानेके बाद से राज्यमें आतंकी घटनाओंमें तेजी देखी गई । इसके अतिरिक्त जून २८ से आरम्भ हो रही अमरनाथ यात्रापर आतंकी आक्रमणकी आशंकाके अन्तर्गत केन्द्रने युद्ध विरामकी अवधिको आगे न बढानेका निर्णय लिया है । सेनाने भी केन्द्रसे युद्ध विरामकी अवधि न बढाए जानेकी विनतीकी थी ।

युद्ध विरामको समाप्त करनेकी घोषणाके एक घण्टे बाद ही ४५ वर्षके आदमीकी अज्ञात बन्दूकधारियोंने दक्षिणी कश्मीरके कुलगाम प्रान्तमें गोरी मारकर हत्या कर दी ! पुलिस अधिकारियोंका कहना है कि सन्दिग्ध आतंकी इकबाल कवाकके घर में घुस गए और उन्होंने गोलियां चलानी आरम्भ कर दी । कुलगामके पुलिस अधीक्षकने कहा, ‘तीन आतंकियोंने कवाकके घरको लक्ष्य बनाया था । इस घटनामें वह गम्भीर रूपसे चोटिल हो गया ।’

कवाकको क्यों लक्ष्य बनाया गया ?, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है । वह उपभोक्ता और सार्वजनिक वितरण विभागका कर्मचारी था । हरमीत सिंह ने कहा, ‘यह स्पष्ट नहीं है कि उसे क्यों लक्ष्य बनाया गया ?, वह तो एक नागरिक था ।’

घाटीमें गत वर्ष २०१७ में ‘आपरेशन आल आउट’के अन्तर्गत २१७ आतंकी मृत हुए थे । इनमें विभिन्न आतंकी संगठनोंके कई उच्च स्तरीय नायक भी रहे । २०१८ में अब तक ७७ आतंकियोंको विभिन्न अभियानके अन्तर्गत मारा गया है ।

रमजानमें घटनाएं
– ६५ आतंकी घटनाएं
– २२ हथगोलोसे प्रहार सुरक्षा बलोंपर
– २३ बार सुरक्षा बलोंपर गोलीबारी
– ७ बार नागरिकोंपर आक्रमण
– १२ बार शस्त्रोंको लूटनेका प्रयास
– ३ घुसपैठके प्रयास
– १५ बार ‘आईबी’ व ‘एलओसी’पर संघर्ष विराम तोडा

स्रोत : अमर उजाला



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