उत्तरप्रदेशके इस गांवके लोग ‘बेटा-बेटी’की भांति करते हैं, अनाथ गायोंका पालन !


जून २९, २०१८

उत्तरप्रदेशमें योगी शासन गौशाला खोलने और उसके संरक्षणको लेकर विस्तृत योजनाके अन्तर्गत कार्यरत हैं । इसीमें योगी के इस कामसे प्रभावित होकर ग्रामीणोंने अनाथ घूमने वाली गायोंसे निपटनेके लिए बागपतके रेहतना गांवके ग्रामीणोंने विशेष योजना बनाई है । गांव वालोंने पंचायत करके निर्णय लिया कि गायोंको वे लोग स्वयंसेवकके रूपमें अपने घरमें रखेंगे ! उन्हें इसके लिए ३१०० रुपये प्रति माह दिए जाएंगे ! इतना ही नहीं, जिसकी गाय खुले घूमते हुए पाई गई, उसके ऊपर ५१०० रुपयेका अर्थदण्ड लगाया जाएगा ! जो रुपये स्वयंसेवकोको दिए जाएंगे ! रेहतना गांवके प्रधान भरतवीर सिंहने न्यूज18से वार्तामें कहा कि अनाथ घूमने वाली गायोंको गोद लेनेकी एक छोटी सी पहल की गई है । हम लोग इन गायोंकी सेवा अपने बच्चोंकी तरहसे कर रहे है । भरतवीर सिंहने बताया कि गांवमें एक पंचायत बुलाकर यह निर्णय लिया गया कि यदि गांवमें कोई अनाथ गाय घूमती पाई गई तो उस व्यक्तिके ऊपर ५१०० रुपयेका अर्थदण्ड और २ दिनोंतक ग्राम पंचायतकी स्वच्छता कराई जाएगी ! स्वयंसेवक रखनेके प्रश्नपर ग्राम प्रधान बताते है कि ५ लोगोंको स्वयंसेवकका उत्तरदायित्व दिया गया, जिसमें मै स्वयं भी सम्मिलित हूं । इन  स्वयंसेवक रखनेके पीछेका उद्देश्य हैं, देखभाल करना ।

जिन लोगोंको गाय देखभाल करनेके लिए दी गई है, वो उनकों भूखा-प्यासा तो नहीं रख रहे है; क्योकि एक घरको २ गायोंकी देखभाल करनेके लिए दी गई है । जिसके भोजनके लिए ३१०० रुपये दिए जाएंगे ! १८२० की जनसंख्या वाले इस गांवमें एक भी गौशाला नहीं है ! गांवके लोगोंने गौशालाकी मांग जिला प्रशासनके अधिकारियोंसे लेकर योगीतक कर चुके है; लेकिन अभीतक कोई कार्रवाई नहीं हुई ! रेहतना गांवके प्रधानने बताया, अब हम लोगोंने मिलकर दान इकट्टा किया है, इस पैसेसे वो लोग गांवमें एक छोटी सी गौशाला बनानेकी सोच रहे है, जिससे एक स्थानपर इन गायोंको रखकर उनकी सेवाकी जा सकें !

हिन्दू बाहुल्य इस गांवके ग्रामीणोंकी सोच अनाथ घूमने वाली गायोंकी सेवा सच्चे मनसे करने की है । प्रधान भरतवीर सिंहने प्रधानमन्त्री मोदी और मुख्यमन्त्री योगीसे विनती करते हुए कहा कि शासन हमारे गांवमें एक छोटीसी गौशालाकी शाखा दे, जिससे अनाथ घूमने वाली गायोंकी सेवा करनेका हमें अवसर मिल सके !

स्रोत : न्यूज18इण्डिया



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