समयका और मनुष्यके अनमोल जीवनका महत्त्व समझने हेतु आश्रममें व्यतीत करें, कुछ दिवस : आश्रममें हमारी साधनापर प्रत्येक क्षण दृष्टि रखी जाती है; अतः यहां एक भी पल व्यर्थ नहीं जाता; अतः मनुष्य जीवनमें समयका महत्त्व क्या है एवं उसकी सार्थकता कैसे सिद्ध कर सकते हैं ?, यह सीखते हैं । आज अधिकांश व्यक्ति ‘फेसबुक’, ‘व्हाट्सऐप्प’, ‘ट्विटर’, इन्टरनेट (अन्तर्जाल), क्रिकेट, देखने, धारावाहिक देखने इत्यादिके माध्यमसे अपना अनमोल मनुष्य जीवन अनावश्यक बातें साझा करनेमें, मित्र बनानेमें या उनसे बातें करनेमें व्यर्थ करते हैं; क्योंकि उसे मनुष्य जीवनका प्रत्येक क्षण कितना महत्त्वपूर्ण है, यह ज्ञात ही नहीं होता है; किन्तु आश्रममें नियमित आकर रहनेसे हमें मनुष्य जीवनका मुख्य उद्देश्य क्या है और अपनी सांसारिक दिनचर्याका उपयोग ईश्वरप्राप्ति हेतु कैसे करना चाहिए ?, यह समझमें आता है ।
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