जुलाई ३, २०१८
उत्तर प्रदेशमें मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथके नेतृत्व वाला भाजपा शासन मदरसोंमें ‘एनसीईआरटी’ पाठ्यक्रमको लागू करनेके बाद एक नूतन और अनूठा निर्णय लेने जा रही है । शीघ्र ही मदरसोंमें पढ़ने वाले बच्चोंके लिए अल्पसंख्यक मन्त्रालय ‘वेशभूषा’ अनिवार्य कर देगा अर्थात जो बच्चे अभीतक मदरसोंमें कुर्ता-पायजामा पहनते थे, वह कुछही दिवसोंमें ‘शर्ट-पैंट’ पहनेंगे ! मदरसोंको आधुनिकतासे जोडनेके लिए यह पग उठाया जा रहा है ।
उत्तरप्रदेशमें अल्पसंख्यक प्रकरणके मन्त्री मोहसिन रजाका कहना है, ‘हम शेष शैक्षणिक संस्थाओंके अनुसार ही मदरसेमें बदलाव करना चाहते हैं । हम चाहते हैं कि मदरसा भी बाकी शैक्षणिक संस्थाओंकी भांति ही कार्य करे ! अभीतक मदरसेमें पढने वाले छात्र कुर्ता-पायजामा पहनते थे; लेकिन अब हम शीघ्रही विद्यार्थी वेशभूषा लानेकी सिद्धता कर रहे हैं । हम उन्हें वेशभूषा दिलाएंगे !’ मन्त्रीने कहा कि एक औपचारिक वेशभूषा नियमावलीके कारण यह भी अन्य विद्यालयोंकी भांति लगेगा ।
बता दें कि उत्तरप्रदेशमें योगी शासन निरन्तर ही मदरसोंको लेकर नूतन और महत्वपूर्ण निर्णय सुना रही है । गत दिवसोंमें मदरसोंमें ‘एनसीईआरटी’का पाठ्यक्रम लागू किया गया था व इसके साथ ही मदरसोंमें गणित, विज्ञान, संगणक और सामाजिक विज्ञानकी शिक्षाको हिन्दी और अंग्रेजी माध्यमोंमें करनेका भी निर्णय लिया गया था । राज्य शासनने कहा था कि इसका उद्देश्य उत्तरप्रदेशके मदरसोंमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है । मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथकी अध्यक्षतामें मन्त्रिमण्डलकी हुई बैठकमें मदरसासे सम्बन्धित प्रावधानोंमें संशोधन करनेका निर्णय लिया गया था । वहीं जनवरीमें उत्तरप्रदेश शासनने राज्यके मदरसोंमें आधुनिक शिक्षा देनेके लिए ४०.५५ कोटिकी धनराशि दी थी ।
स्रोत : जनसत्ता