जुलाई ४, २०१८
कश्मीरी युवाओंको आतंकी प्रशिक्षण देनेके लिए अब दक्षिणी कश्मीरके वनोंमें आतंकी प्रशिक्षण शिविर चलाए जानेकी सूचनाएं मिल रही हैं ! सुरक्षाबलोंको मिल रही सूचनाओंके अनुसार आतंकी संगठनोंके लिए नए भर्ती हुए नौजवानोंको सीमापार कराना, अब दुष्कर हो रहा है; इसलिए उन्हें दक्षिणी कश्मीरके वनोंमें ही आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।
बुरहान वानीकी मृत्युके बाद से ही कश्मीरमें नए आतंकियोंका प्रवेश आरम्भ है । वर्षमें लगभग सौ-आतंकी प्रविष्ट हो रहे हैं । गत दिवसोंमें यह संख्या कुछ बढ गई थी; लेकिन गत वर्ष सेनाने बडे स्तरपर आतंकियोंको मार गिराया था; इसलिए इस वर्ष ये कुछ अल्प है । दूसरे, नियन्त्रण रेखापर सेना और सीमापर ‘बीएसएफ’की सुरक्षाके कारण आर-पार आना-जाना दुष्कर है । इससे दो लाभ हुए हैं, प्रथम तो विदेशी आतंकियोंकी घुसपैठ अल्प हुई है और द्वितीय नए आतंकियोंको प्रशिक्षणके लिए सीमापारके शिविरोंमें भेजनेमें कठिनाई हो रही है ।
गुप्तचर विभागके सूत्रोंकी ओरसे सुरक्षाबलोंको दी गई सूचनामें कहा गया है कि दक्षिणी कश्मीरके ऊंचाई वाले जंगलोंमें ‘हिजबुल’ने प्रशिक्षण शिविर चलाने आरम्भ कर दिए हैं ! इनकी संख्याको लेकर सटीक सूचना नहीं है । जहां दिशाभ्रमित हुए युवाओंको प्रशिक्षण दिया जाता है; यद्यपि अभीतक प्राप्त सूचनाओंके अनुसार ऐसे शिविरोंका कोई सही ढांचा नहीं है, वरन इन आतंकियोंके समूहको यहां ले जाकर प्रशिक्षण दिया जाता है । इसके पश्चात वे वापस अपने स्थानपर चले जाते हैं; लेकिन यह आशंका बनी हुई है कि आने वाले दिवसोंमें वहां निश्चित शिविर भी बनाए जा सकते हैं !
सेनासे सम्बन्धित सूत्रोंके अनुसार किसी शिविरकी सूचनाकी पुष्टि नहीं हुई है; लेकिन फिर भी ऐसी सूचनाओंपर दृष्टि रखी जा रही है । सेना, अर्द्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस, ऐसे शिविरोंके विरुद्ध कार्रवाईके लिए भी सिद्ध हो रहे है । सुरक्षा बलोंके अनुसार नूतन आतंकियोंको सीमापार जानेसे रोकनेके अतिरिक्त स्थानीय स्तरपर भी प्रशिक्षणसे रोकना होगा ।
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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