जुलाई ७, २०१८
राज्यमें भारत-म्यांमार सीमासे सटे भारतीय क्षेत्रमें कथित रूपसे सीमा स्तम्भ लगानेपर तनाव पैदा हो गया है । मोरे सब डिवीजनके कुछ क्षेत्रोंमें निषेधाज्ञा लगा दी गई है ।
तेंगनूपाल प्रान्त न्यायाधीश ए. तोम्बीकान्ताने उप विभागके कुछ क्षेत्रोंमें आने वाले छह माहके लिए रात्रिके समयमें (शाम ७ बजेसे सुबह ४ बजेतक) निषेधाज्ञा लगाने के आदेश दिए !
इस मध्य पांच या अधिक लोगोंका एक साथ एकत्रित होना या शस्त्र लेकर चलना निषेध होगा ! अधिकारियोंने बताया कि यह निषेधाज्ञा भारतीय सीमा क्षेत्रमें तीन किलोमीटर अन्दरर सीमा स्तम्भ संख्या ११ का स्थानान्तरण करनेके पश्चात उपजे तनावके कारण लागू की गई है ।
यह पग मणिपुरके राजस्व मन्त्री करम श्यामके क्षेत्रमें भ्रमण करनेके पश्चात उठाया गया । वहां उन्होंने कहा कि सीमा स्तम्भसे सम्बन्धित उच्च स्तरीय समिति विवादित सीमा स्तम्भके प्रकरणमें शासनको विस्तृत विवरण सौंपेगी । मन्त्रीने कहा कि सीमा स्तम्भ १९६९-७० में लगाए गए थे ।
ज्ञात हो कि म्यांमारकी ओरसे भारतीय सीमामें अतिक्रमणके प्रयासके अन्तर्गत एक सीमा स्तम्भ लगाया गया है । स्थानीय लोगोंका आक्षेप है कि यह स्तम्भ भारतीय सीमा क्षेत्रके तीन किलोमीटर भीतर लगाया गया है । लोगोंके आक्रोशको देखते हुए मणिपुर शासनने प्रकरणकी जांचके लिए एक समिति गठितकी है ।
स्रोत : अमर उजाला
Leave a Reply