जुलाई ७, २०१८
एक यात्रीके साहस और सतर्कतासे रेलयानमें उपस्थित २६ बालिकाओंको कथित मानव तस्करोंसे छुडा लिया गया । इनके साथ दो युवक थे । इसपर एक यात्रीको शंका हुई । उसने प्रधानमन्त्री मोदी, पीएमओ, रेल मन्त्री पीयूष गोयल, रेल मन्त्रालय, उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय मन्त्री मनोज सिन्हाको संकलितकर ‘ट्वीट’ किया । इसके पश्चात ‘आरपीएफ’ और ‘जीआरपी’ने उन्हें आधे घण्टेमें बचा लिया ।
यह प्रकरण ‘मुजफ्फरपुर-बान्द्रा अवध एक्सप्रेस’की बग्घी (डिब्बा) ‘एस-५’का है । रेलवे एसपी पुष्पाञ्जलिने बताया कि नरकटियागंजसे बच्चियोंको आगरा ले जाया जा रहा था । सभीकी आयु लगभग १० से १४ वर्ष है । सभी पश्चिमी चम्पारणकी रहने वाली हैं । बच्चियोंको ‘चाइल्ड लाइन’के सुपुर्द किया गया है । बन्दी बनाए गए सन्दिग्धोंने पूछताछमें बताया कि वे बच्चियोंको आगराके मदरसेमें शिक्षाके लिए ले जा रहे थे । उनके कथनकी पुष्टिके लिए ‘जीआरपी’ने बच्चियोंके परिजनोंसे सम्पर्क किया । अभी मानव तस्करीकी आशंकाको देखते हुए जांचकी जा रही है ।
प्रकरण पांच जुलाईका है । ‘अवध एक्सप्रेस’में यात्रा कर रहे एक यात्रीने रेलवेको ‘ट्वीट’ किया, ‘‘मैं ‘अवध एक्सप्रेस’के ‘एस-५’ बग्घीमें यात्रा कर रहा हूं । मेरे डिब्बेमें २५ लडकियां हैं । सभी अव्यस्क हैं । उनमेंसे कुछ रो रही हैं । सभी असुरक्षित अनुभव कर रही हैं । मुझे ‘मानव तस्करी’की शंका है। रेलयान अभी हरिनगर स्टेशनपर है । अगला स्टेशन बागा और फिर गोरखपुर होगा । शीघ्र उनकी सहायता कीजिए !”
‘ट्वीट’के पश्चात ‘जीआरपी’ने साधारण वस्त्रोंमें दो पुलिसकर्मियोंको कप्तानगंज स्टेशनसे रेलयानमें चढाया । गोरखपुर स्टेशनतक वे बच्चियोंपर दृष्टि रखे हुए थे । गोरखपुरमें बाकी पुलिस दलने दोनों युवकोंको बन्दी बना लिया और बच्चियोंको छुडा लिया ।
स्रोत : दैनिक भास्कर
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