जुलाई ११, २०१८
अयोध्याके इतिहासमें प्रथम बार सरयू नदीके तटपर विशाल नमाजके साथ ही ‘कुरआन’के पाठका सत्र भी आयोजित किया जाएगा ! यह आयोजन ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ और उसकी मुस्लिम शाखा ‘राष्ट्रीय मुस्लिम मंच’ १२ जुलाईको आयोजित करने जा रहा है । इस कार्यक्रममें लगभग १५०० मुस्लिम धर्मानुयायी और कई अन्य हिन्दू श्रद्धालु भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे ।
मुस्लिम धर्मानुयायी लगभग २०० ‘सूफी’ सन्तोंकी कब्रपर जाएंगे । सभी मुस्लिम धर्मानुयायी पहले ‘वजू’ करेंगे और इसके पश्चात नमाज पढेंगें । इसके पश्चात ‘क़ुरआन’का भी आयोजन होगा और ‘कुरआन’की आयतोंका सरयू नदीके तट पर ‘रामकी पैडी’ घाटपर लगभग ५ लाख बार पाठ किया जाएगा ! यह आयोजन शान्तिका सन्देश देनेके लिए आयोजित किया जा रहा है । ये भी माना जा रहा है कि इससे ‘आरएसएस’की मुस्लिम विरोधी छविको समाप्त करनेमें सहायता मिलेगी ।
‘राष्ट्रीय मुस्लिम मंच’की नेता शबाना आजमीने कहा,”ये गलत धारणा है कि अयोध्याके मुस्लिमोंको यहां उनके धार्मिक रीति-रिवाजोंका पालन करने से रोका जाता है । दूसरी गलत धारणा यह है कि ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ मुस्लिमोंका विरोधी है । यह आयोजन पूरे विश्वको सन्देश देनेके लिए है कि अयोध्या हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही धर्मके मानने वालोंका है । ‘आरएसएस’ मुस्लिमोंका सच्चा मित्र है । हिन्दुओं और मुस्लिमोंका डीएनए भिन्न नहीं, बल्कि एक है ।”
प्रसार माध्यमोंसे बात करते हुए ‘राष्ट्रीय मुस्लिम मंच’के संयोजक महिरध्वजने कहा, “१५०० से अधिक मुस्लिम धर्मानुयायी हिन्दू और मुस्लिमोंके मध्य साम्प्रदायिक सद्भाव और शान्तिके लिए प्रार्थना करेंगे । इस आयोजनसे ‘राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद’ विवादसे उपजी कडवाहटको भी दूर करने में सहायता मिलेगी ।” इस आयोजनको उत्तर प्रदेशके योगी आदित्यनाथका भी सहयोग मिल रहा है । योगीके मन्त्री लक्ष्मी नारायण और आरएसएसके नेता मुरारी दास इस अवसरपर मुख्य अतिथि होंगे !
स्रोत : जनसत्ता
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