‘बोलो’ सन्देशवाहकमें (मेसेंजर) परिवर्तित हुआ रामदेवका ‘किम्भो’ विनियोग (ऐप्प)


जुलाई १४, २०१८

‘व्हाट्सएप’को चुनौती देनेके लिए देशी चलभाष विनियोग (एप्लिकेशन) ‘किम्भो’ने अब अपन प्रारूपको (वर्जन) नवीनीकरणकर ‘बोलो’ सन्देश वाहकमें (मेसेंजर) बदल दिया है । ‘पतञ्जलि योगपीठ’के प्रवक्ता एसके तिजारावालाने बताया कि ‘किम्भो’की ‘रिब्राण्डिंग’ नहीं की गई है, बल्कि ‘किम्भो’के नवीन प्रारूपपर (लेटेस्ट वर्जन) कार्य चल रहा था । इसकी निर्माता (डेवलपर) अदिति कमलने ‘ईमेल’केद्वारा बताया कि भारतीयके लिए ‘व्हाट्सएप’के विकल्पके रूपमें ‘बोले’ विनियोग अब ‘एण्ड्रॉयड’के चलभाषके लिए अधोभाषणके (डाउनलोडिंग) लिए उपलब्ध है । ‘आईओएस’ उपभोक्ताओंके लिए भी इसे शीघ्र ही उपलब्ध कराया जाएगा । उन्होंने आगे बताया, जो उपभोक्ता, जिन्होंने अभी इसे अधिष्ठापित (इंस्टॉल) नहीं किया या अभी तक ‘किम्भो’का प्रयोग कर रहे हैं, सम्पर्ककेद्वारा (लिंक) ‘बोलो’ विनियोगस नवीनीकरण (अपडेट) कर सकते हैं । ‘बोलो’में नवीनीकरण करनेके लिए इसे सन्देशकेद्वारा करना होगा । पूर्वमें ‘किम्भो’ रहा ‘बोलो’को लम्बे समय पश्चात नूतन प्रारूपके साथ प्रकाशित किया गया है ।

बता दें कि मईके अन्तमें प्रकाशित रामदेवका स्वदेशी मोबाइल विनियोग ‘किम्भो’ एक बुरी तरह तैयार व्यापारिक योजना बनकर रह गया था । बताया गया था कि इसे ‘व्हाट्सएप’का स्थान लेनेके लिए प्रकाशित किया गया है । वित्तवर्ष २०१७ में १०५६१ कोटि रुपयोंका लाभ करने वाले उद्योग ‘पतञ्जलि’ने पहले तो लोगोंसे इस विनियोगको ‘गूगल प्ले स्टोर’से अधोभाषित (डाउनलोड) करनेको कहा, फिर इसके तुरन्त समाप्त होनेके लिए जालस्थलपर अत्यधिक बोझको (ट्रैफिक) दोष दिया, उसके पश्चात कहा कि यह केवल एक दिवसीय परीक्षण था और अब ‘पतञ्जलि’ने इसे पुनः प्रकाशित करनेके लिए दो और माहका समय मांगा था ।

स्रोत : जनसत्ता



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