उत्तिष्ठ कौन्तेय !


जम्मू-कश्मीरमें महबूबा मुफ्तीके अनुरोधपर केन्द्रद्वारा आतंकी संगठनोंपर कठोरता न दिखानेके कारण भारी हानि होती दिखाई दे रही है । इन संगठनोंमें स्थानीय युवाओंकी भर्ती तेजीसे बढ रही है । बता दें कि, जम्मू-कश्मीरमें विधानसभा और संसदीय चुनावोंके ध्यानमें रखकर महबूबाने दक्षिण कश्मीरमें स्थिति सुधरनेकी आशा दिखाई थी ।
जम्मू-कश्मीर पुलिसको मिली जानकारीके आधारपर ‘जैश-ए-मोहम्मद’के संवर्ग (काडर) कुलगाम, शोपियां और पुलवामामें अत्यधिक सक्रिय हो गए हैं । एक वरिष्ट पुलिस अधिकारीने बताया, ‘कई नौजवानोंको जैशमें सम्मिलित होनेके लिए लुभाया जा रहा है, जिसे हिज्बुल जैसे दूसरे आतंकी संगठनोंसे आर्थिक दृष्टिसे अधिक सक्षम और संगठित माना जाता है । सुरक्षा सूत्रोंके अनुसार, इन युवाओंको इन आतंकी गुटोंमें सम्मिलित करानेका कार्य मुख्य रूपसे पाकिस्तानी जैश अधिकारी (कमाण्डर) बाबर कर रहा था, उसने आतंकी समूहमें १९ स्थानीय युवकोंको सम्मिलित किया था ।  इसे कुछ समय पूर्व सुरक्षा बलोंने शोपियांमें एक भिडन्तमें मार गिराया था ।
जैशको घाटीसे पूर्ण रूपसे समाप्त कर दिया गया था, परन्तु अब वह स्वयंको पुनर्जीवित करनेके लिए पुराने ‘हरकत-उल-अंसार’ नेटवर्कका उपयोग किया जा रहा है । गत दो वर्षमें कश्मीरमें हुए कई आतंकी आक्रमणमें जैशका नाम आया था ।
यह सब हमारे देशके राजनेताओंकी अयोग्य राजनीतिका परिणाम है ! देशद्रोहियों और आतंकियोंका जो भी राजनेता साथ दे, वह भी देशद्रोही ही है, यह सोचकर उसके साथ किसी भी प्रकारसे सत्ता पाने हेतु गठजोड नहीं करना चाहिए । भाजपाके इस अयोग्य निर्णयका परिणाम आज कश्मीर भोग रहा है, यदि सत्ताके लोभमें पीडीपीके साथ भाजपा वहां सत्तामें आनेके स्थानपर राष्ट्रपति शासन लागू कर देती तो आज स्थिति इतनी भयावह नहीं होती । अब भी समय है जम्मू-कश्मीरको विभागोंमें विभाजित कर, उसे दो केन्द्र शासित प्रदेश घोषित कर देना चाहिए । वहांकी जनता और नेता लोकतान्त्रिक व्यवस्थाकी पात्रता नहीं रखते ! – तनुजा ठाकुर (२२.७.२०१८)



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution