जुलाई २३, २०१८
उत्तरप्रदेशके देवरियाके सलेमपुरके नवलपुर गांवका प्राथमिक विद्यालय निजी मदरसेकी भांति चलाया जा रहा था ! यह प्राथमिक विद्यालय रविवारको खुला रहता था, जबकि शुक्रवारको स्कूलमें साप्ताहिक अवकाश रखा जाता था । यहां तक कि स्कूलके सभी लिखितपत्र भी उर्दूमें ही थे ! ये प्रकटीकरण देवरियाके डीएमकी जांचमें हुआ है ।
अब देवरियाके डीएम सुजीत कुमारने शिक्षा अधिकारी सन्तोष कुमार देव पाण्डेयको निर्देश दिया है कि वह इस प्रकरणकी जांच करें ! डीएमने बताया,”इस प्रकरणमें बीएसएसे ब्यौरा मांगा गया है । यह गम्भीर प्रकरण है । विद्यालयको बिना किसी आदेश या निर्देशके शुक्रवारको बन्द रखा जा रहा था, जबकि रविवारको खोला जा रहा था !” खण्ड शिक्षा अधिकारी ज्ञान चन्द मिश्रने बताया, “दल शुक्रवार प्रातः विद्यालयका निरीक्षण करनेके लिए गया था । दलने पाया कि विद्यालय बन्द है ! विद्यालयके भवनपर प्राथमिक विद्यालय, नवलपुरके स्थान पर इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय, नवलपुर लिखा गया है !”
इस सन्दर्भमें जानकारीके लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी ज्ञान चन्द मिश्राने विद्यालयके प्रधानाचार्य खुर्शीद अहमदको बुलवाया । जब प्रधानाचार्य खुर्शीद अहमद लिखित-पत्रके साथ अधिकारीके पास पहुंचे तो पाया गया कि विद्यालयके समस्त लिखितपत्र उर्दू भाषामें लिखे गए थे, जबकि उनमें यह वर्णन था कि विद्यालय शुक्रवारको बन्द रहता है और रविवारको खुला रहता है । प्रधानाचार्य खुर्शीद अहमदने अपने स्पष्टीकरणमें कहा, “विद्यालयमें मैं वर्ष २००८ में आया था । तभी से मैं इसी भांति कार्य कर रहा हूं । विद्यालयके ९५ प्रतिशत बच्चे मुसलमान हैं; इसलिए उनके अनुसार मैंने यह किया था ।”
स्रोत : जनसत्ता
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