घरके वास्तुको कैसे बनाएं आश्रम समान चैतन्यमय एवं उससे होनेवाले लाभ (भाग – २)


घरकी वास्तुको स्वच्छ रखते समय निम्नलिखित तथ्योंका ध्यान रखें –
१. आजकल अनेक लोग यन्त्रोंसे स्वच्छता करते हैं तो ऐसी स्वच्छतासे वास्तुमें तमोगुणका प्रमाण बढ जाता है; अतः जहांतक सम्भव हो बिना आधुनिक वैज्ञानिक यन्त्रोंके, पारम्परिक पद्धतिसे अर्थात झाडू दें एवं उसके पश्चात यदि सम्भव हो तो जलसे स्थानको धोएं, अन्यथा स्वच्छ जलमें थोडा सा खडा नमक और देसी गायके गोमूत्र डालकर सर्वत्र पोछा करें ।
२. घरमें जाले न लगने दें ! यदि आपके घरमें अधिक एवं बारम्बार जाले लगते हों तो समझ लें कि घरमें आध्यात्मिक कष्टका प्रमाण अधिक है, इस हेतु वास्तु शुद्धिके सर्व प्रयत्न करें एवं जाले तवरित निकालें ! (क्रमश:)



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