जुलाई २३, २०१८
‘एक विचित्र सा भय है कि किसी भी समय एक आवेशित भीड आकर कुछ कर देगी’ ये तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसी सामाजिक बुराइयोंके विरुद्ध डटकर खडी निदा खानके शब्द है ! वही निदा, जिनके विरुद्ध पाखण्डी मौलवियोंने फतवा जारी कर उन्हें इस्लामसे च्युत कर दिया और हिन्दुस्तान छोडनेका तालिबानी आदेश दिया है । ‘आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी’की अध्यक्ष निदाका कहना है कि सोच-समझकर महिलाओके अस्तित्वको नष्ट करनेका षडयन्त्र चल रहा है ।
यह पूछने पर कि यह षडयन्त्र कर कौन रहा है ?, इसका उत्तर देते हुए निदा कहती हैं, धर्मके ठेकेदार और कौन ? निदाने ‘आईएएनएस’से बातचीतमें कहा, “हम निस्सन्देह २१वीं शताब्दी और शिक्षित समाजका उदाहरण दें; लेकिन सत्य यही है कि फतवा देनेके पश्चात ही मेरा सामाजिक बहिष्कार हो गया ! मैं और मेरा कुटुम्ब आतंकमें जी रहे हैं, लगता है कि कभी भी कहींसे कोई भीड आकर कुछ भी कर सकती है !” ‘शरीयत’में बदलावकी मांग करते हुए निदा कहती हैं, शरीयतमें जो हमारे अधिकार हैं, वो हमें मिले ही नहीं !
इन मौलवियोंने ‘शरीया’को अपनी सम्पत्ति बना लिया है । महिलाओंसे बदला लेनेके लिए फतवे दिए जा रहे हैं । इन्हें मुस्लिम महिलाओंका शिक्षित होना, उनका काम करना, यहां तक कि गूगलका प्रयोग करना सहन नहीं है । ये मुस्लिम महिलाओंको सशक्त होते देखना ही नहीं चाहते । मैं अपनी समितिके माध्यमसे मुस्लिम महिलाओंकी सहायता कर रही हूं, उन्हें अधिकारोंको लेकर जागरूक बना रही हूं । यही बात इनके गले नहीं उतर रही ।” बरेलीकी निदा स्वयं ‘तीन तलाक’ पीडिता है ।
वह कहती हैं कि हम स्वतन्त्र देशमें रह रहे हैं, ये होते कौन हैं, मुझे इस्लामसे निरस्त करने और देश छोडनेका आदेश देने वाले ! वह कहती हैं, इस्लाममें महिलाओंको जो अधिकार दिए गए हैं, हमें उनसे दूर रखा गया है । निदाने इन फतवोंके विरुद्ध अभियोग करवानेकी बात कही थी; लेकिन किन्हीं कारणोंसे वह अभी तक याचिका नहीं कर पाई हैं, इसका कारण बताते हुए वह कहती हैं, “हां, कुछ कारणोंसे मैं अभी याचिका नहीं दे पाई हूं; लेकिन शीघ्र ही न्यायालय जाऊंगी ।
इन पाखण्डी मौलवियोंने इस्लामका सदैव उपहास किया है । आपको विश्वास नहीं होगा कि बरेलीमें स्थिति ऐसी हैं कि इन्होंने बरेलीको तालिबान बना दिया है !” निदा हलाला पीडिताओंको न्याय दिलवानेके लिए भी कार्य कर रही हैं । दरगाह आला हजरत खानदानकी पुत्रवधू निदा कहती हैं कि हलालाको इन मौलवियोंने व्यापार बना दिया है । देशभरमें लगभग दो लाख मुस्लिम महिलाएं हलालासे पीडित हैं । मैं इस लडाईको दूर तक ले जाऊंगी ! इन मौलवियोंके विरुद्ध कडी कार्यवाही होनी चाहिए ।
शासनसे सहायता मिलनेके प्रश्नपर निदा कहती हैं,अभी तक शासनसे किसी प्रकारकी सहायता या आश्वासन नहीं मिला है । मैं कल ही प्रधानमन्त्री मोदी जी से मिलने वाली थी; लेकिन किन्हीं कारणोंसे भेंट नहीं हो पाई; लेकिन शीघ्र ही मोदी जीसे मिलकर सहायता मागूंगी । वह कहती हैं, इन मौलवियोंमें भय होना आवश्यक है । इसके लिए आवश्यकता है कि ‘शरई न्यायालयों’में औरतोंको भी ‘काजी’ बनानेकी व्यवस्था की जाए ! आपको बता दूं कि जिन लोगोंको अभी तक मेरे विरुद्ध दिए गए इस फतवेके सम्बन्धमें संज्ञान नहीं हैं, उन्हें घूम घूमकर इसके बारेमें बताया जा रहा है । हमारे घर जो काजी आते थे, उन्होंने आना छोड दिया है ।
स्रोत : जी न्यूज
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