उत्तरप्रदेशमें और कितने इस्लामिक विद्यालय ?


जुलाई २७, २०१८

देवरिया जनपदमें शासन संचालित विद्यालयके इस्लामीकरणका प्रकरण प्रकट होनेके पश्चात अब उत्तरप्रदेशके श्रावस्तीमें भी एक ऐसा विद्यालय मिला हैं, जहां गत कई वर्षोंसे रविवारके स्थानपर शुक्रवारको अवकाश होता है । प्राथमिक विद्यालय ‘इस्लामिया’में पूर्ण रूपसे परिवर्तित हो चुका है । शासकीय विद्यालयको किसके आदेशसे ‘इस्लामिया’में परिवर्तित किया गया ?, यह किसीको ज्ञात नहीं है । ये व्यवस्था आज की नहीं, वरन गत कई वर्षोंसे संचालित होती आ रही है । इसमें कई बार स्थानीय लोगोंद्वारा परिवाद दी गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई ।
जब प्रकरण शासनतक पहुंचा तो अधिकारी अचम्भित हो गए । अब इसमें पुराने विवरण देखे जा रहे हैं । अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है कि ‘इस्लामिया प्राइमरी विद्यालय’ कब से अंकित किया जा रहा है, यद्यपि प्रकरण समाचार माध्यमोंके संज्ञानमें आनेके पश्चात विद्यालयके नामसे ‘इस्लामिया’ शब्दको हटा दिया गया है । यद्यपि अभी भी कई स्थानपर विद्यालय ‘प्राथमिक इस्लामिया विद्यालय’के नाम से जाना जा रहा है । फिर वह विद्यालयका ठप्पा हो या विद्यालयका नाम अथवा उर्दूमें भित्तपर लिखा हुआ विद्यालयका नाम ।

वर्तमान समयमें विद्यालयमें लगभग २०० बच्चे पढते हैं । स्थानीय लोगोंकी माने तो गत लगभग १५-२० वर्षोंसे यहां विद्यालयका संचालन होता आ रहा है । इसे ‘इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय’ नाम दिए जानेके पीछेका तर्क निकटवर्ती लोगोंद्वारा यही दिया जा रहा है कि इस विद्यालयमें अधिकतर मुस्लिम अध्यापक पढाते रहे हैं ! जिसके कारण इसका नाम ‘इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय’ रख दिया गया । जहां शुक्रवारके दिन अवकाश और रविवारके दिन विद्यालय खुलनेकी परम्परा चली आ रही है !

उच्च प्राथमिक विद्यालय सत्तीचौराकी भित्तपर विद्यालयका नाम ‘प्राथमिक विद्यालय इस्लामिया भिनगा’ अंकित है । इसमें अवकाश भी जुमे अर्थात शुक्रवारके दिन ही होता है ! कई वर्षोंसे यह व्यवस्था चल रही है । नौनिहालोंको निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध करानेके लिए श्रावस्तीके प्रान्तीय मुख्यालय भिनगा स्थित सत्तीचौरामें उच्च प्राथमिक विद्यालय लम्बे समयसे संचालित है । इसमें सभी धर्मोके छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । यहां भिन्न-भिन्न धर्मोको मानने वाले शिक्षक पढाते हैं ।

इस विद्यालयमें भी अन्य विद्यालयोंकी भांति दिनका भोजन, निशुल्क वेशभूषा और पाठ्य-पुस्तकका वितरण किया जाता है । शिक्षाका समय भी शासनकी ओर से निर्धारित समय सारिणीसे ही है, लेकिन केवल अवकाशमें यह विद्यालय अन्य विद्यालयोंसे भिन्न है । यहां साप्ताहिक अवकाश रविवारके स्थानपर शुक्रवारको होता है !

स्थानीय लोगोंने ‘जी’ समाचार माध्यमको बताया कि शिक्षकोंको वेतन शासनसे मिलता है । यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओंको भी सभी शासकीय सुविधाएं अन्य विद्यालयोंकी भांति ही उपलब्ध कराई जाती है । इसके पश्चात भी यहां अवकाशका दिन शुक्रवार निर्धारित होना अनुचित है । उन्होंने बताया कि रविवारके स्थानपर जुमेके दिन अवकाश करना यहां लम्बे समयसे चल रहा है । इस सम्बन्धमें कई बार उच्चाधिकारियोंको अवगत भी कराया गया है । इसके पश्चात भी सब कुछ पुराने ढंगसे ही चल रहा है । वहीं इस प्रकरणपर उत्तरप्रदेश शासनकी बेसिक शिक्षा मन्त्री अनुपमा जयसवाल और कृषि राज्यमन्त्री रेणवेन्द्र प्रताप सिंहने विरोध दिखाते करते हुए दोषियोंके विरुद्ध कडी कार्यवाही करनेंकी बात कही है ।

स्रोत : जी न्यूज



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