आजके राजनीतिक दलोंका दोगलापन, नास्तिक डीएमके करुणानिधिके लिए कर रही है ‘पूजा-हवन’
आज जब करुणानिधि अत्यधिक अस्वस्थ होनेके कारण चिकित्सालयमें भर्ती हैं तो उनके स्वास्थ्य लाभके लिए उनके दलद्वारा, उनके समर्थकोंद्वारा पूजा-पाठ, हवन किया जा रहा है; किन्तु एक समय ऐसा भी था, जब करुणानिधिने अनके कोटि हिन्दुओंके आराध्य प्रभु श्रीरामके अस्तित्वको ही नकार दिया था ! ‘डीएमके’ स्वयंको नास्तिक दल बताती है, करुणानिधि हवन पूजा-पाठकी आलोचना करते रहे हैं तथा देवी देवताओंके अस्तित्वको ही नकारते रहे हैं !
मूढ लोग यह नहीं समझते कि मृत्यु और कठिन प्रसंगमें ‘मात्र और मात्र’ ईश्वर ही तारणहार होते हैं ! चलिए नास्तिकताकी मुखौटा ओढे इन ढोंगियोंकी सच्चाई तो उद्घाटित हुई !
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