इमाम बुखारीने राहुल गांधीको लिखे पत्रमें कहा, आज जो मुसलमानोंकी स्थिति है, ७० वर्षोंमें ऐसा नहीं हुआ !


जुलाई ३०, २०१८

दिल्लीके जामा मस्जिदके ‘इमाम’ अहमद बुखारीने कहा है कि देशमें इस समय मुसलमानोंकी जो स्थिति है, ऐसी स्थिति गत ७० वर्षोंमें कभी नहीं आई थी । इमाम बुखारीने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीको पत्र लिखकर अपनी चिन्ता दिखाई है और कहा है कि मुसलमानोंके विरुद्ध हो रही हिंसापर, वे आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं ? इमाम बुखारीने लिखा है कि ‘मॉब लिंचिंग’के नामपर ६४ निर्दोष मुसलमानोंको मार दिया गया ! इमाम बुखारीने कहा, “हमारे साथ जो व्यवहार शासन कर रहा है, उसके विरुद्ध आपकी आवाज कहां है ?” इमाम बुखारीने कहा कि आज मुसलमानोंका व्यापार करना विकट हो गया है और मुस्लिम युवक टोपी-दाढीके साथ बाहर नहीं निकल पा रहे हैं । उन्होंने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि उत्तरदायी विपक्ष होनेसे राहुल गांधी मुसलमानोंके हितमें शासनपर दबाव बनाएंगे । इमाम बुखारीने कहा कि देशमें मुसलमानोंके लिए पहले की तरह निर्भीक वातावरण बनाया जाए, ताकि मुसलमान निर्मय हो जी सकें ।

बता दें कि इमाम बुखारीने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीको ये पत्र तब लिखा है, जब देशमें दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं । कुछ ही दिवस पूर्व राजस्थानके अलवरमें एक प्रकरणमें रकबर नामके एक मुसलमानकी भीडने पीटकर हत्या कर दी ! ये व्यक्ति राजस्थानके अलवरसे रातको गाय लेकर जा रहा था । इससे कुछ ही दिवस पूर्ल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देशके मुस्लिम नेताओंसे भेंट की थी । इसके पश्चात एक उर्दू समाचारपत्रने लिखा था कि मुसलमान नेताओंसे भेंटके मध्य राहुल गांधीने कथित रूपसे कहा था कि कांग्रेस मुसलमानोंका दल है । इसपर काफी विवाद भी हुआ था ।

इधर ‘मॉब लिंचिंग’पर केन्द्र शासनने कडा रवैया अपनाया है । राजनाथ सिंहने लोकसभामें कहा था कि किसीको भी विधान अपने हाथमें लेनेकी आज्ञा नहीं दी जा सकती है । उन्होंने कहा कि इस बारेमें राज्योंको स्पष्ट निर्देश है कि वे दोषियोंके विरुद्ध बिना किसी भेद-भाव शके कार्यवाही करें ।

स्रोत : जनसत्ता



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