वास्तविक वास्तुशुद्धि


वास्तविक वास्तु शुद्धि
१. सर्वसाधारण व्यक्ति : इन्हें ‘इनके निवासका स्थान ही वास्तु है’, ऐसा लगता है और इस हेतु ये आवश्यक वास्तुशुद्धि विधि करते हैं ।
२. व्यष्टि साधना करनेवाले : इनके अनुसार, शरीर, मन, बुद्धि ही आत्माका वास्तु होता है और ये उसकी शुद्धिका प्रयत्न करते हैं ।
३. समष्टि साधना करनेवाले : इनके अनुसार राष्ट्र ही वास्तु है और ये उसकी शुद्धिके प्रयत्न करते हैं । –  परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
साभार : https://sanatanprabhat.org/



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution