नेशनल कांफ्रेंसके विधायक जावेद अहमद राणाका पुनः राष्ट्रद्रोही विष वमन
जावेद अहमदने मंगलवार, ७ अगस्तको पुनः राष्ट्रद्रोही वक्तव्य देते हुए राष्ट्रीय ध्वजका अपमान करते हुए कहा कि यदि राज्यसे ‘३५ए’को छेडा गया और ‘धारा-३७०’को हटानेका प्रयास किया तो जम्मू-कश्मीरमें हिन्दुस्तानके ध्वजका ‘नामोनिशान’ नहीं रहेगा ।
उन्होंने ‘धारा-३७०’से छेडछाड न करने की धमकी दी । उन्होंने कहा, केन्द्र शासन न्यायालयके माध्यमसे ‘३५ ए’को समाप्त करना चाहती है परन्तु मैं आज यहां उपस्थित समाचार माध्यम एवं गुप्तचर विभागके माध्यमसे प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीको सावधान करना चाहता हूं कि यदि ‘३५ए’ या ‘धारा ३७०’से किसी भी प्रकारकी छेडछाडका प्रयास किया तो राज्यमें हिन्दुस्तानके ध्वजका नामोनिशान ही नहीं रहेगा, क्योंकि जम्मू कश्मीरका भारतके साथ सम्बन्ध इसी ‘धारा ३७०’के कारण है और जब यह धारा ही नहीं रहेगी तो यहां हिन्दुस्तानके ध्वजका क्या उपयोग रह जाएगा ?
अपने इस भाषणमें जावेद राणाने उपस्थित लोगोंको इस विषयपर अत्यधिक उत्तेजित करनेका भी प्रयास किया । बता दें, नेशनल कांफ्रेंस विधायक जावेद अहमद राणा इससे पूर्व भी जनसभामें पुलिस अधिकारियोंके सामने अपनी सुरक्षामें लगे पुलिस जवानोंको दल्ला कहने, अपने घरमें गणतन्त्र दिवसके उपरान्त बच्चोंकेद्वारा राज्यकी स्वतन्त्रताकी बात करनेपर तालियां पीटने और देशके विरुद्ध वक्तव्य करने, गत दिनों गांव पठानातीरके शासकीय विद्यालयोंमें पढाई बन्द करा कर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करनेके कारण प्रसार माध्यमोंके समाचारमें रह चुके हैं ।
ऐसे राष्ट्रद्रोही बार-बार विष वमन इसलिए करते हैं; क्योंकि इस देशका शासन इनके राष्ट्रद्रोही कृत्योंपर कोई दण्ड नहीं देता है ! कश्मीरके नेताओंका बार-बार धमकी देनेका अब के ही उपाय है, जम्मू और कश्मीरको दो भिन्न केन्द्र शासित प्रदेश घोषित कर दे और वहांकी लोकतान्त्रिक प्रक्रियाको ही पूर्ण विराम दे दें और दोनों ही धाराओंको ‘धारा ३७० और धारा ३५ ए’को हटा दें, देखें ये देशद्रोही इस देशसे कश्मीरको कैसे पृथक करते हैं ? – तनुजा ठाकुर (४.८.२०१८)
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