अगस्त ४, २०१८
पति-पत्नीके बन्ध को संसार पवित्र दृष्टिसे देखता है; लेकिन उस सम्बन्धमें बात व्यापार शकी आ जाए तो सम्बन्ध कैसा होगा ? ऐसा ही एक प्रकरण उत्तर प्रदेशके बरेलीका है, जहां एक पति अपनी पत्नीको बलपूर्वक वैश्यावृत्तिके दलदलमें धकेलना चाहता था, जब पत्नीने इससे मना किया तो पतिने ‘तीन तलाक’ देकर सम्बन्ध विच्छेद कर दिया ! पीडिता न्यायके लिए लड रही है । उसने न्यायके लिए ‘मेरा हक’ संस्थाका आश्रय लिया है ।
बरेलीके किला क्षेत्रमें कुछ पुराने कच्चे पक्के घरोंके एक उपनगरमें रहने वाली रफतका विवाह एक वर्ष पूर्व हुआ था । एक वर्ष पश्चात ही उसके पतिने अपनी वास्तविकता दिखानी आरम्भ कर दी ! पीडिताका आरोप है कि उसका पति उसे वैश्या बनना चाह रहा था । मना करनेपर उसने कई प्रकारके दण्ड दिए । अब वह बहुत कुछ सहन करनेके पश्चात न्यायके लिए लडाई लडनेके लिए विवश है ।
विवाहसे पूर्व उसे यह नहीं बताया था कि उसके पतिने पहले से ही तीन विवाह कर रखे हैं ! पीडिताने बताया कि विवाह से पूर्व वो केवल अपने पतिका नाम मुमताज जानती थी, वो क्या करता है, क्या नहीं ?, इसकी कोई सूचना नहीं थी । एक मई २०१७ को विवाह हुआ । विवाहके कुछ दिवसतक सबकुछ ठीक चलता रहा; लेकिन फिर वो उससे वैश्यावृति करानेके लिए दवाब बनाने लगा । उसने जब इस काम से मना किया, तो उसके साथ मारपीट आरम्भ की !
पीडिताका आरोप है कि २२ जुलाईको उसके पतिने मारपीट कर घरसे निकाल दिया । २९ जुलाईको उसका पति फिर घर आया और उसके साथ मारपीट की और ‘तीन तलाक’ दिया । अब पीडिताने ‘मेरा हक’ संस्थाकी अध्यक्षा फरहत नकवीसे सहायता मांगी । फरहत नकवीका कहना है कि पीडित महिला अपनी समस्या लेकर आई है । पति उससे वैश्यावृत्ति कराना चाहता था, मना करने पर उसे तलाक दे दिया । उन्होंने कहा कि संस्थाकी ओरसे सम्भव सहायता की जाएगी ।
स्रोत : जी न्यूज
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