मन्दिरोंका सरकारीकरण करनेमें सरकारको लज्जा कैसे नहीं आती ?
‘सरकारका एक भी विभाग भ्रष्टाचारमुक्त, सही ढंगसे कार्य करनेवाला है क्या ? सरकारने अपने अधिकारमें लिए मन्दिरोंको कितना लूटा है ! ऐसा होते हुए भी सरकारको मन्दिरोंका सरकारीकरण करनेमें लज्जा कैसे नहीं आती ?’
Leave a Reply