अगस्त ९, २०१८
उत्तरप्रदेश और बिहारके आश्रय निकेतनमें नाबालिग बच्चियोंके साथ हुए दुष्कर्मके पश्चात अब मध्यप्रदेशमें भी ऐसा ही प्रकरण सामने आया है । इस इनमें मूकबधिर बालिकाओंको संगणक, सिलाई, कढाई आदिका प्रशिक्षण दिया जाता है ।
भोपालके भी एक आश्रय निकेतन और आईटीआई प्रशिक्षण संस्थानमें गुरुवारको दो मूक बधिर छात्राओंके साथ दुष्कर्मका प्रकरण उजागर होनेके पश्चात हडकम्प मच गया ।
कांग्रेसने मांग की है कि इस घटनाके पश्चात बेटियां सुरक्षित नहीं है; इसलिए प्रदेशके सभी आश्रित निकतन, बालिका गृह, छात्रावासकी जांच की जानी चाहिए, ताकि नादान बेटियोंके साथ दुष्कर्म करने वालोंको सामने लाया जा सके ।
कांग्रेसकी समाचार माध्यम विभागकी चेयरपर्सन शोभा ओझाने आरोप लगाया है कि यह एनजीओ अश्विनी शर्मा नामक व्यक्ति चलाता है । यह आश्रय निकेतन सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभागके अनुदानपर चल रहा था । इसकी दो बालिकाओंने छात्रावास संचालकके विरूद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट कराई है । कांग्रेसने कहा है कि पूरे प्रदेशमें महिलाओं और बच्चियोंके साथ दुष्कर्मके प्रकरण सामने आ रहे हैं । विवरणके अनुसार मध्यप्रदेशमें ४१ सहस्त्र दुष्कर्मके प्रकरण प्रविष्ट होनेके साथ यह प्रदेश देशमें सबसे ऊपर आ गया है ।
शोभा ओझा ने कहा कि शासनको इन प्रकरणपर जागरूकतासे देखना होगा । कई निर्धन कुटुम्बोंकी बच्चियां छात्रावासमें रहती है, इनमें बीजेपीसे सम्बन्धित लोग भी हैं । शासनको राजनीतिसे परे इस प्रकरणपर गम्भीरतासे कार्य करनेकी आवश्यकता है ।
मध्यप्रदेशकी राजधानी भोपालके अवधपुरीमें एक आश्रय सदन है, जहां काफी मूकबधिर बालिकाएं तीन वर्षोसे रह रही हैं । इनमें धारकी रहने वाली मूकबधिर बालिकाके साथ छात्रावास स्टल संचालक अश्विनी कुमार शर्माने ही कई बार दुष्कर्म किया ! मूकबधिर होनेके कारण यह बालिकाएं किसीको अपनी पीडा भी नहीं समझा पा रही थीं ! इनमेंसे धार प्रान्तकी रहने वाली बालिका जब अपने माता-पिताके पास पहुंची तब उन्होंने अपने-माता पिताको सारी बाते बता दी ।
प्रतिकात्मक भाषाके विशेषज्ञको बालिकाने जो बातें बताई उससे सभी अचम्भित रह गए ! इसके पश्चात डीआईजी भोपाल और धारके एसपीसे बात कराई गई । अन्ततः धारमें प्रकरण शून्यपर प्रविष्ट कर लिया गया । उस अभियोगको भोपाल स्थानान्तरित कर आरोपी अश्विनी कुमार शर्माको पुलिसने बन्दी बना लिया व आरोपीके विरूद्ध थाना अवधपुरीमें धारा १५४/१८, ३७६, ३७६ए, ३५४, ३४४, ५०६ एवं ‘एससीएसटी एक्ट’की धाराओंमें प्रकरण प्रविष्ट कर लिया गया ।
इस बीच आईजी मकरन्द देउस्करने कहा है कि छात्रावासकी शेष छात्राओंके भी वक्तव्य लिए जाएंगे !
चार दिवस पहले मूक बधिर छात्राने इन्दौरके तुकोगंज थाना स्थित मूक बधिर सहायता केन्द्रमें परिवाद की थी । छानबीनके पश्चात प्रकरण सही पाया गया । गुरुवारको पुलिसने पहले धारमें परिवाद प्रविष्ट कर भोपाल पुलिसको इसकी सूचना दी । इस आधारपर भोपाल पुलिसने अवधपुरीसे ३५ वर्षीय संचालक अश्विन शर्माको बन्दी बना लिया । उसे संज्ञानके लिए धार भेजा गया है, जहां बालिकाने उसे पहचान लिया ।
अवधपुरी पुलिसके अनुसार संचालक अश्विन शर्माद्वारा चार माह पूर्व भी एक और मूक बधिर छात्राके साथ छेडछाड की गई थी; लेकिन उसने परिवाद नहीं की थी !
स्रोत : पत्रिका
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