चाय मीठी होनेपर क्रोधित पतिने पत्नीसे तीन बार तलाक बोलकर सारे सम्बन्ध एक पलमें समाप्त कर दिए ! जब पीडिताकी पुलिसने सुनवाई नहीं की तो उसने ‘मेरा हक’ नामक प्रतिष्ठानकी (फाउण्डेशनकी) अध्यक्षा फरहत नकवीसे सहायताके लिए विनती की है ।
रोहली टोलाकी नूरी अफ्शाका विवाह, मोहल्लेके ही रिजवानके साथ १२ अप्रैल २०१७ को हुआ था। विवाहके पश्चातसे ही छोटी-छोटी बातोंको लेकर दोनोंके मध्य तनाव होने लगा था । आरोप है कि दहेजकी मांग की जा रही थी । मांग पूरी न होनेपर पीडिताके साथ मारपीट आरम्भ कर दी गई ! पीडिताका आरोप है कि कई बार मारपीट कर घरसे निकाल दिया गया ! परिवारने मध्यस्थोंको साथ लेकर समझौता कर पुनः ससुराल भेज दिया ।
नूरीके अनुसार शुक्रवार १० अगस्तकी सवेरे जब चाय लेकर गई तो रिजवान चायमें चीनी अधिक होनेकी बात लेकर अपशब्द बोलने लगा और तीन बार ‘तलाक-तलाक-तलाक’ बोल दिया । जब पीडिताके किसी प्रकार सूचना देनेपर उसका भाई आया और वह उसके साथ मायके जाने लगी तो रिजवानमें पुलिसको बुलाकर उसके भाईपर चोरीका आरोप लगाया और पुलिस उसे बंदी बनाकर चली गई । पुलिस थाने वह अपने कुटुम्बके साथ जाकर परिवाद की तो भी पुलिसने कोई कार्यवाही नहीं की; इसलिए उसने ‘मेरा हक’ प्रतिष्ठानकी शरण ली ।
यह है, इस्लाममें स्त्रियोंकी स्थिति ! और आजके पुलिससे यह आशा रखना कि वह पीडितोंकी सहायता करेगी, इसकी अपेक्षा करना ही व्यर्थ है !
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