जैसे-जैसे हम आपातकालकी और बढेंगे, प्राकृतिक आपदाओंकी तीव्रता बढती जाएगी; अतः अभीसे उसकी पूर्वसिद्धता करना अति आवश्यक है । कृपया इस सूचनाओंको संग्रहित कर रखें, उसे आचरणमें लानेका प्रयास करें एवं अन्योंसे भी साझा करें, यह जनहितमें आपसे साझा कर रहे हैं ।
आपसब अनुभव कर ही रहे होंगे कि पिछले वर्षकी अपेक्षा इस वर्ष अत्यधिक वर्षाके कारण भारतमें अनेक स्थानोंपर बाढकी स्थिति निर्मित हुई है । आनेवाले वर्षोंमें बाढकी स्थिति और भी भयावह होनेकी सम्भावना है; अतः यदि सम्भव हो तो ‘तैराकी’ सीखनेका प्रयास करें, जिससे आपात स्थितिमें आप स्वयंको एवं अन्योंको बचा सकें ! साथ ही आपदा प्रबन्धनके विषयमें जानकारी प्राप्त कर, समाजको सिखानेका प्रयास करें, यह कालानुसार अति आवश्यक है । हमारे देशमें मनुष्योंके जीवनका कोई मोल नहीं; इसलिए आपदा प्रबन्धनकी न ही पर्याप्त व्यवस्था है और न ही उसे विद्यालय या महाविद्यालयमें उसे सिखाया ही जाता है ।
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