अगस्त १७, २०१८
पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयीके प्रति लोगोंका प्रेम और सम्मान ही है कि उनके निधनसे पूरे देशमें शोककी लहर है । ऐसा नहीं है कि केवल भारतमें ही अटल बिहारी वाजपेयीके निधनसे लोगोंको दुख हुआ है, बल्कि हमारे निकटवर्ती देश मॉरीशसमें भी इसका प्रभाव देखने को मिला है । बता दें कि मॉरीशस शासनने अटल बिहारी वाजपेयीके निधनके चलते अपना राष्ट्रीय ध्वज और भारतका राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर फहरानेका निर्णय किया है ! विदेश मन्त्रालयके प्रवक्ता रवीश कुमारने इस बातकी सूचना दी है । अपने एक ‘ट्वीट’में रवीश कुमारने लिखा है कि “हमारे दुःखमें सम्मिलित होते हुए, एक अभूतपूर्व प्रतीकात्मकता दिखाते हुए, मॉरीशस शासनने पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयीके निधनके कारण अपने शासकीय भवनपर आज राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर फहरानेका निर्णय किया है !”
इसके लिए मॉरीशस शासनने एक वक्तव्य जारी किया है, जिसके अन्तर्गत मॉरीशस शासनने निजी क्षेत्रको भी ऐसा ही करनेकी विनती की है । इससे पूर्व किसी देशने अन्य देशके नेताके प्रति ऐसा सम्मान नहीं दिखाया है । बता दें कि मॉरीशसमें बडी संख्यामें अप्रवासी भारतीय रहते हैं और वहां अटल बिहारी वाजपेयीको काफी पसन्द भी किया जाता है । मॉरीशसकी ७० प्रतिशत जनसंख्या अप्रवासी भारतीयोंकी है । वर्ष २००० में अपने प्रधानमन्त्री कालके समय अटल बिहारी वाजपेयीने मॉरीशसका भ्रमण भी किया था । इस भ्रमणपर ‘यूनिवर्सिटी ऑफ मॉरीशस’ने अटल बिहारी वाजपेयीको डॉक्टरेट ऑफ लॉ’की उपाधिसे भी सम्मानित किया था । बता दें कि पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयीका १६ अगस्तको लम्बे समय रूग्ण होनेके पश्चात दिल्लीके ‘एम्स’ चिकित्सालयमें निधन हो गया था । उनके पार्थिव शरीरको अन्तिम संस्कारके लिए स्मृति स्थल ले जाया गया ।
इससे पूर्व अटल बिहारी वाजपेयीके पार्थिव शरीरको भाजपा मुख्यालय लाया गया था, जहां उन्हें श्रद्धाञ्जलि देनेके लिए देश-विदेशके कई प्रसिद्ध नेता उपस्थित रहे । विदेशी नेताओंमें भूटानके राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, श्रीलंकाके विदेश मन्त्री लक्ष्मण किरिएला, ब्रिटिश हाई कमिशनर डोमिनिक एसक्विथ और बांग्लादेशके विदेश मन्त्री अबुल हसन महमूद अलीने भी दिल्ली पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयीको श्रद्धाञ्जलि अर्पित की ।
स्रोत : जनसत्ता
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