अगस्त १७, २०१८
अमेरिकामें एक बार पुनः अल्पसंख्यक सिखपर आक्रमणका प्रकरण सामने आया है, जहां न्यूजर्सीमें एक भण्डारगृहमें सिख आदमीको मार दिया गया ! तीन सप्ताहके भीतर यह देशमें अल्पसंख्यक सिख समुदायपर आक्रमणका तीसरा प्रकरण है !
त्रिलोक सिंह नामके सिखको उसके भण्डारगृहमें मृत पाया गया ! गुरुवारको मृतकके चचेरे भाईने त्रिलोकको भण्डारगृहके भीतर मृत अवस्थामें देखा । उनकी छातीपर किसी धारदार शस्त्रसे किए आक्रमणका घाव था ! विवरण अनुसार ‘एसेक्स काउण्टी अभियोजक कार्यालय’की ओर से इसे हत्या बताया गया है, यद्यपि अबतक हत्याका कारण स्पष्ट नहीं है ।
मृतक सिंह दयालु प्रवृत्तिके व्यक्ति थे । उनकी पत्नी और बच्चे भारतमें रहते हैं । वे अपने कुटुम्बका पालन-पोषण करनेके लिए स्वयंका भण्डारगृह चला रहे थे । उनके कुटुम्बने अब भण्डारगृहको बन्द कर दिया है; क्योंकि अमेरिकामें निरन्तर सिखोंपर हो रहे प्रहारके कारण सिख समुदाय भयभीत है । समाचार विवरणमें कहा गया है कि सिंहने ‘कम से कम’ छह वर्षो तक अपनी दुकान चलाई । एक फेसबुक लेखमें नागरिक अधिकार संगठन ‘सिख कॉएलेशन’ने सिंहके कुटुम्ब, दोस्तों और स्थानीय समुदायके प्रति संवेदना व्यक्त की ।
‘न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सेण्टर फॉर रिलिजन एण्ड मीडिया’के एक विद्वान सिमर जीत सिंहने सिंहकी मृत्युपर ‘ट्वीट’ कर कहा, “यह गत एक सप्ताहमें किसी सिखपर तीसरा आक्रमण है ! इस दुःखके समाचारसे आहत हूं ।”
गत तीन सप्ताहमें तीन बडे आक्रमण
बता दें कि इससे पूर्व छह अगस्तको कैलिफोर्नियाके मोंटेकामें ७१ वर्षीय सिख साहिब सिंहपर प्राणघातक आक्रमण हुआ था । इस आक्रमणका मुख्य आरोपी एक पुलिस अधिकारीका पुत्र टायरोन मैकएलिस्टर था । साहिब सिंह उस समय प्रातः घूमनेके लिए निकले थे । टायरोन मैकएलिस्टर (१८) और एक अन्य किशोरको लूटपाट और आक्रमणके आरोपोंके अन्तर्गत बन्दी बना लिया गया है ।
वहीं, इसी ३१ जुलाईको ५० वर्षीय सुरजीत माल्हीके साथ मारपीट हुई थी । माल्ही कैलिफोर्नियामें अपने घरके निकट अमेरिकी प्रतिनिधि जेफ डेनहमके लिए राजनीतिक सामग्री चिपका रहे थे । इसी मध्य दो श्वेत आदमियोंने उनपर आक्रमण कर दिया और चिल्लाते हुए जातिगत टिप्पणी की । उन्होंने कहा, ‘‘तुम्हारा यहां स्वागत नहीं है, अपने देश वापस जाओ !’’
स्रोत : दैनिक जागरण
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