अगस्त २०, २०१८
हरियाणाके हिसारमें जून २०१७ में गांव भाटलामें नलकूपसे (हैण्डपम्पसे) पानी भरनेको लेकर आरम्भ हुआ विवाद, अब बौद्ध धर्म परिवर्तन तक पहुंच गया ! भाटलामें सोमवारको गुरू रविदास मन्दिरमें कार्यक्रमका आयोजन कर लगभग १५० अनुसूचित परिवारके लोगोंने अपना धर्म परिवर्तन करते हुए बौद्ध धर्म अपना लिया ! इसमें रोहनातसे आए दलित समुदायके २२ लोग भी सम्मिलित हुए !
धर्म अपनानेसे पूर्व बौद्ध भिक्षुओंने अनुसूचित वर्गके लोगोंको धर्म दीक्षा दी । उत्तराखण्ड व सहारनपुरसे आए बौद्ध भन्तों धर्म सागर, भन्ते आनन्द सागर व भन्ते निर्भय सागरने धर्म दीक्षाकी प्रक्रिया सम्पन्न करवाई । इस मध्य उन्होंने भविष्यमें कभी भाजपाको मत न देनेकी शपथ भी ली ।
धर्म परिवर्तनके कार्यक्रमको लेकर रविवार रात्रिसे ही तैयारियां आरम्भ कर ली गई थी । प्रातः १०.३० बजे कार्यक्रम आरम्भ हुआ । वक्ताओंने अपने सम्बोधनमें इस धर्म पविरर्तनके लिए भाजपाको उत्तरदायी बताया । उन्होंने कहा कि भाजपा शासनने ऐसे अधिकारियोंको बैठाया है, जो दलितोंका उत्पीडन कर रहे है ।
धर्म परिवर्तनको लेकर प्रक्रिया भी चलती रही । दोपहर १:३५ पर अधिवक्ता रजत कल्सन कार्यक्रममें पहुंचे । उन्हें भविष्यमें कभी भाजपाको मतदान न करनेका वचश दिलवा कर व बौद्ध धर्म प्रक्रिया पूरी करवा कर, दो बजेतक कार्यक्रमका समापन कर दिया गया । अधिवक्ता रजत कल्सनने बताया कि पुलिस प्रशासनसे मांग करनेके पश्चात भी उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई । प्रतीक्षाके बाद गांवका वातावरण देखनेके पश्चात वह कार्यक्रममें पहुंचे ।
स्रोत : डेलीहण्ट
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