अगस्त २३,२०१८
१५ अगस्तको एक मदरसेमें ध्वजारोहणके पश्चात ‘भारत माताकी जय’ बोलना एक छात्रको काफी महंगा पडा । पहले मदरसेके एक मौलवीने छात्रको न केवल भारत माताकी जय बोलने वाले छात्रकी पिटाई की, बल्कि मदरसेमें शिक्षाग्रहण करने पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया ! यह प्रकरण इतने पर ही समाप्त नहीं हुआ । बच्चेकी परिवादपर जब पिताने शिक्षककी परिवाद की तो पिटाई कर उनका भी हाथ तोड दिया गया !
घटनाके पश्चात छात्रके पिताने मौलवीके विरूद्ध थानेमें लिखित परिवाद प्रविष्ट कराई; लेकिन थानेके अधिकारीने प्रकरण प्रविष्ट करने से मना कर दिया । इसके पश्चात छात्रके पिता दरभंगा मुख्यालय पहुंच कर बडे अधिकारियोंसे मिल न्यायकी प्रार्थना कर रहा है । छात्रके पिता मुमताजने दरभंगाके एसएसपीको भी लिखित परिवादके साथ जिला शिक्षा पदाधिकारीको भी आवेदन देकर समूचे प्रकरणकी जांच कर उचित कार्यवाही करनेकी मांग की है ।
यह प्रकरण बिहारके दरभंगा स्थित कमतौल थानेके राढी उत्तरी गांवका है । यहां गांवके ही मदरसेमें पढने वाला छात्र रिजवान १५ अगस्तको ध्वज फहराने अपने मदरसा पंहुचा; लेकिन अचानक रिजवानने ‘भारत माताकी जय’के नारे लगाने आरम्भ कर दिए । इसपर मदरसेके मौलवी शिक्षक मोहम्मद तमन्नेका क्रोध सातवें आसमान पर चढ गया । क्रोधित मौलवीने सभी बच्चेको जाने दिया और रिजवानको रोके रखा । जैसे ही सभी लोग मदरसेसे निकले कि मौलवीने रिजवानको मारना आरम्भ कर दिया !
इसके पश्चात भी रिजवान एक दिवस पश्चात पुनः पढने मदरसा पंहुचा तो मौलवी शिक्षकने उसे पढाने से मना करते हुए, उसे मदरसेसे बाहर निकाल दिया । रिजवानने सम्पूर्ण घटनाको अपने पिता मोहम्मद मुमताजसे बताया तो आरोपी मौलवी शिक्षक तमन्नेसे भेंटके समय अपने पुत्र रिजवानकी घटनाके बारे में पूछताछ करने लगा । बात आगे बढकर मारपीटमें परिवर्तित हो गई, जिसमें छात्रके पिता मुमताजका हाथ टूट गया !
वहीं, दरभंगामें चिकित्सा करानेके पश्चात कमतौल थानामें मुमताज मौलवीके विरूद्ध अभियोग करने पहुंचा; लेकिन पुलिसने स्पष्ट मना कर दिया ।
“जिस राष्ट्रमें रहते हैं, उसीके विरूद्ध विष उगलना इन राष्ट्रद्रोही मौलानाओंका स्वभाव बन चुका है । शासनने त्वरित ऐसे द्रोहियोंको देशसे बाहर करना चाहिए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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