भाजपा कार्यकर्ताओंकी हत्याके प्रकरणमें न्यायालयने ममता शासनसे उत्तर मांगा !


अगस्त २४, २०१८

उच्चतम न्यायालयने शुक्रवारको पश्चिम बंगालमें हुई तीन बीजेपी कार्यकर्ताओंकी हत्याके प्रकरणमें राज्य शासनसे उत्तर मांगा । उच्चतम न्यायालयने इन हत्याओंकी जांच सीबीआईको सौंपनेके लिए प्रविष्ट एक याचिकाकी सुनवाईके समय यह आदेश दिया । न्यायाधीश एके सीकरी और अशोक भूषणकी पीठने पश्चिम बंगाल शासन और सीबीआईसे चार सप्ताहमें उत्तर मांगा । इससे पूर्व याचिकाकर्ताओंकी ओर से गौरव भाटियाने भाजपा वर्कर त्रिलोचन महतो, दुलाल कुमार और शक्तिपदकी हत्याका प्रकरण न्यायालयमें रखा । उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जांचमें ढील कर रही है । इसके साथ ही याचिकामें मृतक परिजनोंको ५० लाख रुपये राशि देनेकी मांग भी की गई ।

इसके पश्चात उच्चतम न्यायालयने इस बारेमें आगे सुनवाईके लिए सीबीआई और राज्य शासनको अधिसूचना देकर उत्तर देनेके लिए कहा । गौरव भाटियाने कहा कि पश्चिम बंगालमें इन तीन लोगोंकी हत्या हुई है, इसके पश्चात भी पुलिसने अभी तक प्राथमिकी प्रविष्ट नहीं की है और कुटुम्बके लोगोंको कथित रूप से धमकाया जा रहा है ।

उन्होंने कहा कि इस बातोंको देखते हुए सीबीआई जांचका आदेश दिया जाना चाहिए और यह आदेश भी देना चाहिए कि पीडित परिजनोंको ५० लाख रुपयेकी राशि दी जाए । इसके साथ ही उन्होंने परिजनोंके लोगों के लिए सुरक्षाकी मांग भी की । इससे पूर्व उच्चतम न्यायालयने दो भाजपा कार्यकर्ताओंकी हत्याके प्रकरणमें तत्काल सुनवाई से मना कर दिया था । तीनों कार्यकर्ताओंकी मृत्यु इस वर्ष गत तीन माहके अन्तराल हुई है ।

 

“लोकतन्त्रमें विरोध, आरोप-प्रत्यारोप तो सुना है, परन्तु ममता शासनकी हत्याकी नीति अद्भुत ही है ! केन्द्र शासन त्वरित इस देशद्रोही शासनको रद्द कर राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाता है ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



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