अगस्त २६, २०१८
लन्दनमें इण्डियन ओवरसीज कांग्रेसको सम्बोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधीने कहा कि कांग्रेस क्रोध और घृणाको मिटानेकी शक्ति है । साथ ही उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय बहुत गहरा शब्द है । हमारी दल एक ‘एनआरआई’ने आरम्भ किया था । जवाहरलाल नेहरु जी, सरदार पटेल जी सब ‘एनआरआई’ थे । सबने पहले विश्व देखा, फिर देशको आगे ले जानेके लिए योगदान दिया ।
उन्होंने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीपर आक्षेप करते हुए कहा, “वह कहते हैं कि मेरे आने से पूर्व देशमें कुछ नहीं हुआ । ऐसे में वो भारतकी जनताका उपहास करते हैं, आपके दादा-दादीका उपहास करते हैं । उन्होंने लालकिलेसे ध्वजके नीचे खडे होकर कहा, भारत सोता हुआ हाथी था मैंने उसे जगाया । उनके इस बात से आप अनुमान लगा सकते हैं कि उनमें कितना अभिमान है । उन्हें समझना चाहिए कि हिन्दुस्तानको किसी एक व्यक्तिने नहीं, वरन् वहांकी जनताने बनाया । ७० वर्षोमें सब कुछ कांग्रेसने नहीं किया; लेकिन विकासमें छोटा सा हाथ कांग्रेसका भी था । जनताने साहस दिखाया और हमने उस साहसको राह दिखाई और देशको आगे ले जाने में भागीदार बने । कांग्रेस क्रोध और घृणाको मिटानेकी शक्ति है । कांग्रेस अपने विरोधीको गले लगा सकती है । कांग्रेस हिन्दुस्तानको जोडनेके लिए कार्य करती है । पहले सभी देश कहते थे कि भारत गरीबोंका देश है, वो विकास नहीं कर सकता । आज वही लोग दिन भर कहते हैं कि हिन्दुस्तान विश्वको भविष्य दिखानेका देश है । ये कैसे हुआ और किसने किया ? कांग्रेसने नहीं किया । कांग्रेसने केवल सहायता की और हिन्दुस्तानकी जनताने कर दिखाया । कांग्रेसने हिन्दुस्तानको जोडनेका कार्य किया ।”
उन्होंने कार्यकर्ताओंसे कहा कि आप लोग जनताके मध्य जाइए और लोगोंको बताइए कि भारतको बदला जा रहा है, उसकी एक साथ चलनेकी शक्तिको तोडनेका कार्य किया जा रहा है ।
“राहुल गांधीने ठीक ही कहा है; क्योंकि इन ‘एनआरआई’का देशके धर्म व सिद्धान्तोंसे कोई सरोकार नहीं था, जिसका परिणाम आज समूचा राष्ट्र भोग रहा है” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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