बौद्धभिक्षु १५ अव्यस्क (नाबालिग) बच्चोंसे किए अप्राकृतिक यौनाचारके आरोपमें बन्दी !
बिहारके बोधगयामें १५ अवयस्क ‘लामाओं’से अप्राकृतिक यौनाचारके प्रकरणमें पुलिसने बांग्लादेशी बौद्धभिक्षु भन्ते सुजायको बन्दी बनाया गया है । इस प्रकरणमें ‘पॉक्सो एक्ट’के अन्तर्गत कार्यवाही की गई है ।
बता दें कि बुधवारको प्रसन्ना ज्योति नवीस विद्यालय व ध्यान केन्द्रके १५ बच्चोंने संचालक बांग्लादेशी बौद्ध भिक्षुपर अनैतिक यौनाचारका आरोप लगाया था । उसके पश्चात रातमें आरोपीको पुलिसने बनाया । पीडित सभी बच्चे असमके रहने वाले हैं ।
गिरिजाघर (चर्च) एवं मदरसासे बच्चोंके यौन उत्पीडनके समाचार तो प्रकाशित होते ही रहते थे और अब बौद्ध भिक्षु भी अपने केन्द्रमें इस प्रकारके अनैतिक कुकर्म करते हुए पाए गए ! इससे ही इन तथाकथित धर्मोंका अन्त अब निकट है, यह संकेत स्पष्ट होने लगा है । २०२५ के पश्चात ऐसे सभी तथाकथित पन्थ महाविनाश कालके गालमें समा जाएंगे; किन्तु ईश्वरीय नियोजन अनुसार ऐसा क्यों होगा या होना चाहिए, इसका कारण स्वतः ही समाजके समक्ष प्रकट होने लगा है ! – तनुजा ठाकुर (३१.८.२०१८)
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