सितम्बबर ४, २०१८
सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालयने एक परामर्श देकर सभी निजी प्रसार माध्यमोंको मुम्बई उच्च न्यायालयके एक निर्णयके आलोकमें अनुसूचित जातियोंसे जुडे लोगोंके लिए ‘दलित’ शब्दके प्रयोगसे बचनेका आग्रह किया है । परामर्शमें प्रसार माध्यमोंसे आग्रह किया गया है कि वे अनुसूचित जातिके लोगोंका उल्लेख करते हुए ‘दलित’ शब्दके प्रयोग से बच सकते हैं ।
सात अगस्तको सभी निजी समाचार माध्यमोंको सम्बोधित करके लिखे गए पत्रमें मुम्बई उच्च न्यायालयके जूनके एक दिशा-निर्देशका उल्लेख किया गया है । उस दिशा-निर्देशमें मन्त्रालयने ‘दलित’ शब्दका प्रयोग नहीं करनेको लेकर एक निर्देश जारी करने पर विचार करनेको कहा गया था । पंकज मेशरामकी याचिकापर मुम्बई उच्च न्यायालयकी नागपुर पीठने यह निर्देश दिया था ।
“आरक्षण समाप्त करनेके स्थानपर ऐसे दिशाहीन, अर्थहीन निर्देशोंकी क्या उपयोगिता है ?” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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