आजकल अनेक स्त्रियां बहुत ही गहरे रंगकी जैसे लाल, जामुनी, भूरा इत्यादि रंगकी ‘लिपस्टिक’ लगाती हैं । सर्वप्रथम यह जान लें कि कृत्रिम पदार्थोंसे बनी लिपस्टिक लगानेसे हमारे मुखकी सात्त्विकता नष्ट होती है एवं आसुरी शक्तियां आकृष्ट होती हैं । ईश्वरने हमारे होंठको तो नैसर्गिक लाली दी ही है; अतः लिपस्टिक लगाना टालें ! यदि आपको लिपस्टिक लगानी ही है तो होंठसे मिलता-जुलता रंग लगाएं । श्रृंगार दैवी हो, यह ध्यान रखें, आसुरी श्रृंगारसे स्त्रियोंके देहमें पिशाचिनी, डाकिनी, चुडैल इत्यादि सहज ही प्रवेश करती हैं और इस कारण उन्हें अनेक प्रकारके शारीरिक और मानसिक कष्ट होते हैं ! आपने ‘फैशन मॉडलों’की स्थिति तो देखी ही होगी; अतः उनके क्लेश युक्त जीवनसे कुछ सीखें और अपने अन्दर दैवी तत्त्व आकृष्ट करनेका प्रयास करें । पारम्परिक अलंकार, कुमकुमका टीका, गजरा इत्यादि सात्त्विक श्रृंगार अन्तर्गत आते हैं, जिससे आपकी ओर दैवी तत्त्व आकृष्ट होता है ।
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