सितम्बर ४, २०१८
भाजपाका केन्द्रीय नेतृत्व अपनी बंगाल इकाई से अप्रसन्न है । मंगलवारको राज्यके बडे नेताने समाचार विभाग ‘पीटीआई’को बताया कि राज्यके पंचायत मतदानके पश्चात पुरुलियामें उनके दो कार्यकर्ताओंकी हत्याको मुद्दा बनानेमें बंगाल इकाई पूर्णरूपेण असफल रही है ।
बंगालके भाजपा नेताने बताया कि भाजपाके राष्ट्रीय महासचिव और राज्यके प्रभारी कैलाश विजयवर्गीयने आन्तरिक प्रगति बैठकमें अपना राज्यके दल नेताओंके सामने अपना असन्तोष व्यक्त किया । उनकी असन्तोषका कारण यही था कि राज्यके बडे नेता पश्चिम बंगालमें हो रही कार्यकर्ताओंकी हत्याओंको मुद्दा बना पानेमें असफल रहे हैं । नेताने बताया, “कैलाशजीने हमें पुनः राज्यमें हो रही हिंसा और भाजपा कार्यकर्ताओंपर आक्रमणके विरुद्ध नवीन आंदोलन आरम्भ करनेके लिए कहा है ।
राज्यके नेताओं से भेंटके समय, विजयवर्गीयने निरन्तर आन्दोलन न चलाने और उससे हुई विफलताके कारण उनकी आलोचना की । विजयवर्गीयने पुरुलियामें पंचायत मतदानके समय भाजपाके दो कार्यकर्ताओंकी हत्या से कार्यकर्ताओंके मध्य फैले आक्रोशके बारेमें भी चर्चा की । एक वरिष्ठ भाजपा नेताने ‘पीटीआई’को बताया, “उन्होंने (विजयवर्गीय) कहा इस मुद्देपर सडकपर उतरनेके स्थानपर, राज्य इकाईने केवल कुछ बैठक और सभाओंका आयोजन किया । उन्होंने नेताओं से भी पूछा कि अन्ततः क्यों राज्य इकाई इस मुद्देपर व्यापक जनान्दोलन खडा नहीं कर पाई ?”
वैसे बता दें कि दो भाजपा कार्यकर्ता पुरुलियामें गत ३१ मई और २ जूनको लटके हुए पाए गए थे ।
“‘यथा राजा, तथा प्रजा’, यहां सार्थक है, जब शीर्ष नेतृत्व ही कुछ करना नहीं चाहता तो ईकाइयोंसे क्या आशा की जा सकती है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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