सितम्बर ६, २०१८
‘डब्ल्यूएचओ’के एक विवरणके अनुसार आलस्यके कारण लोगोंमें कई गम्भीर रोगोंका संकट है । भारतमें ३५ प्रतिशत से अधिक लोग शारीरिक श्रम करनेमें आलस्य करते हैं । सर्वेक्षण अनुसार, शारीरिक गतिविधियोंमें सक्रियता नहीं दिखानेके कारण इन लोगोंको हृदय रोगके साथ-साथ कर्करोग, मधुमेह और मानसिक रोगोंका संकट बना रहता है ।
सर्वेक्षणके ये परिणाम ‘द लांसेट ग्लोबल हेल्थ’ नामक पत्रिकामें प्रकाशित हुए हैं, जिसमें बताया गया है कि २०१६ में भारतमें शारीरिक श्रम कम करने वाली महिलाएं लगभग ५० प्रतिशत थीं, जबकि पुरुषोंके लिए यह २५ प्रतिशत था । विश्वमें तीनमें से एक महिला पर्याप्त श्रम नहीं करती है, जबकि पुरुषोंके प्रकरणमें यह विवरण चारमें से एक है ।
उच्च आय वाले देशोंमें शारीरिक श्रम अल्प करने वालोंका अंक विवरण ३७ प्रतिशत है, जबकि मध्यम आय वाले देशोंमें २६ प्रतिशत है । वहीं, निम्न आय वाले देशोंमें यह अंक विवरण १६ प्रतिशत है । शोधकर्ताओंके अनुसार, यदि यह प्रवृत्ति जारी रही तो कम शारीरिक क्रियाकलाप करनेवालोंकी संख्या २०२५ तक अल्प होकर १० प्रतिशत करनेका लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाएगा । शोधके प्रमुख लेखक रेगिना गुथोल्डने कहा कि विश्वभरमें अन्य प्रमुख स्वास्थ्यके संकटकी भांति शारीरिक क्रियाकलाप अल्प करने वालोंके स्तरमें कमी नहीं हो रही है ।
स्रोत : जी न्यूज
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