हिन्दू धर्मके विरुद्ध अनुचित प्रचार कर ईसाईमें परिवर्तन करने वाले २७१ लोगोंके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की गई


सितम्बर ६, २०१८

उत्तर प्रदेशके जौनपुरमें पुलिसने बुधवारको (सितम्बर ५, २०१८) २७१ लोगोंके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की है । पुलिसने ऐसा न्यायालयके आदेशके पश्चात किया है । जिन लोगोंके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की गई है । उनपर आरोप है कि वो हिन्दू धर्मके विरुद्ध अनुचित प्रचार कर रहे थे और लोगोंका धर्म परिवर्तित कर उन्हें ईसाई बना रहे थे । जानकारीके अनुसार जिन तीन आरोपी धार्मिक गुरुओंका संज्ञान किया गई है, वो जौनपुर प्रान्तके ही हैं । ‘एफआईआर’में उनके नाम दुर्गा प्रसाद यादव, कीर्ति राय, जितेन्द्र राम बताए गए हैं । ‘एफआईआर’में अन्य आरोपियोंको इनके सहयोगियोंके रूपमें वर्णित किया गया है । ‘एफआईआर’ प्रान्तके चन्दवक पुलिस स्टेशनमें प्रविष्ट की गई है ।

न्यायालयमें ‘हिन्दू जागरण मंच’के (HJM) एक कार्यकर्ताने याचिका प्रविष्ट की, जिसके उत्तरमें इन लोगोंके विरुद्ध कार्यवाही करनेके आदेश दिए गए । परिवाद (शिकायत) करने वाले अधिवक्ता ब्रिजेश सिंहका (HJM कार्यकर्ता) आरोप है कि आरोपी गत कुछ वर्षोंसे जौनपुर, आजमगढ, वाराणसी और गाजीपुरमें लोगोंको गिरिजाघरका भ्रमण करने और प्रार्थनामें भाग लेनेके लिए आश्वस्त कर रहे थे ! उनके अनुसार रविवार और मंगलवारको प्रार्थनाके पश्चात पादरी लोगोंको हिन्दू धर्मके बारेमें अनुचित बातें बताते थे । हिन्दू धर्मके विरुद्ध झूठा प्रचार करते थे । इसके अतिरिक्त लोगोंका धर्म परिवर्तन कर उन्हें ईसाई बनाया जाता था । ब्रिजेश सिंहने दावा करते हुए कहा, ‘पादरीद्वारा लोगोंको प्रतिबन्धित दवाएं और ड्रग्स भी दिए जाते थे । ऐसा लोगोंको ईसाईमें सम्मिलित करवानेके लिए किया जाता था !’

बादमें ब्रिजेश सिंह दो अगस्तको न्यायालयमें पहुंचे और प्रकरणमें प्राथमिकी प्रविष्ट करानेकी मांग की । उनकी मांगपर न्यायालयने ३१ अगस्तको पुलिस से प्रकरणमें ‘एफआईआर’ प्रविष्ट करनेको कहा और जांचके आदेश दिए ।

 

“ऐसे लोगोंको और पादरियोंको चौराहेपर लाकर जनताको सौंप देना चाहिए ! हिन्दू राष्ट्रमें इन तथाकथित धर्मगुरुओंका व ऐसे लोगोंका, जो कुछ पैसोंके लिए धर्म बेच देते हैं, कोई स्थान नहीं होगा” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जनसत्ता



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