सितम्बर १०, २०१८
चुनावी रैलीके समय पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गांधीकी वर्ष १९९१ में विस्फोटकसे उडाकर हत्या करनेके ७ दोषियोंको तमिलनाडु शासनने छोडनेका निर्णय लिया है । रविवारको राज्यमें सत्ताधारी अन्ना द्रमुकने कैबिनेट बैठक बुलाकर यह निर्णय लिया । यह निर्णय राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहितको भेज दिया गया है ।
इस निर्णयकी जानकारी राज्यके मत्स्य पालन मन्त्री डी. जयकुमारने दी । उन्होंने बताया कि मुख्यमन्त्री के. पलानीस्वामीकी अध्यक्षतामें आयोजित बैठकमें यह निर्णय लिया गया । बता दें कि ये सभी दोषी २७ वर्षोसे जेलमें बन्द हैं और इस समय आजीवन कारावासपर हैं । बता दें कि यह निर्णयकी ओर से राज्यपालको इन सभीकी दया याचिकाओंपर तत्काल विचार करनेके आदेशके चार दिवस पश्चात आया है ।
राज्यपालको भेजी गई सिफारिशमें आजीवन कारावासका दण्ड झेल रहे वी. श्रीहरण उर्फ मुरुगन, टी. सतेन्द्रराजा, एजी पेरारिवलन, जयकुमार, पी. रविचन्द्रन, रॉबर्ट पायस और नलिनीको छोडनेके लिए कहा गया है । इनमें मुरुगन, संथम और पेरारिवलनको मृत्युदण्ड दिया गया था; लेकिन उनकी दया याचिकाएं लम्बे समयतक लम्बित रहनेके कारण १८ फरवरी, २०१४ को उच्चतम न्यायालयने उनका दण्ड आजीवन कारावासमें परिवर्तित कर दिया था ।
स्रोत : अमर उजाला
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