सितम्बर ११, २०१
देवकीनन्दन ठाकुर ‘एससी एसटी एक्ट’ संशोधनके विरोधको लेकर आजकल काफी चर्चा में हैं । इसी बातका विरोध करनेके लिए वो आगरामें प्रदर्शन करना चाहते थे; लेकिन पुलिसने धारा-१४४ का सन्दर्भ देकर उन्हें अनुमति नहीं दी गई और उन्हें बन्दी बना लिया । यद्यपि बाद में उन्हें निजी छोड दिया गया ।
इसके पश्चात ठाकुर देवकीनन्दन मथुराके लिए रवाना हो गए । संयुक्त समाचार वार्तामें देवकीनन्दनने बताया कि उनको बदनाम करनेका प्रयास किया जा रहा है और मारनेकी चेतावनी दी जा रही है !
सीओ हरीपर्वत अभिषेक सिंहका कहना था कि देवकीनन्दन आगराके खन्दौलीमें बैठक करने जा रहे थे । उनको बैठककी अनुमति नहीं थी; लेकिन वे एक विश्रामालयमें संयुक्त वार्ता कर रहे थे । उनके पास उसकी भी अनुमति नहीं थी । देवकीनन्दनको धारा-१५१ के अन्तर्गत बन्दी बनाकर पुलिस लाइनले जाया गया था ।
“इस देशमें अब साधू और सन्यासियोंको अपनी बात रखनेका भी अधिकार नहीं है ! और हम कहते हैं कि हम स्वतन्त्र हिन्दुस्तानी नागरिक हैं !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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