भ्रष्टाचारका परिणाम, तीन माह पूर्व ८ कोटि रूपयोंसे बना पुल, प्रथम वर्षामें ही गिरा !


सितम्बर १२, ३०१८

मध्य प्रदेशके शिवपुरीमें हुई मूसलाधार वर्षाके पश्चात शनिवारको आठ कोटिकी लागतसे तीन माह पूर्व बनाया कूनोका पुल ढह गया, जिसके पश्चात शिवपुरीके लोगोंको काफी समस्याओंका सामना करना पड रहा है । वहीं पुल बहनेके पश्चात शिवराज शासनको भी काफी विवादोंका सामना करना पड रहा है । पुल ढहनेके पश्चात वहां पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव, पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला सहित कई कांग्रेसियोंने भाजपापर लक्ष्य साधा है । हरिबल्लभ शुक्लाने कहा, “बडे-बडे पुलके निर्माण कार्यमें भाजपाके बडे-बडे नेता सहभागी हैं और वही ठेकेदारोंको संरक्षण देते हैं !” बता दें राज्य शासनने इस पुलको अपने विकास परियोजनामें भी सम्मिलित किया था । बता दें कूनो नदीपर बना यह पुल श्योपुरको ग्वालियर और शिवपुरीसे जोडता था । ऐसे में इस पुलके टूट जाने से शिवपुरीका ग्वालियर और श्योपुर से सम्पर्क टूट गया है ।

शुक्लाने शर्माने केन्द्रीय मन्त्री नरेन्द्र सिंह तोमरपर लक्ष्य साधते हुए कहा कि मई २९, २०१८ को आठ कोटिसे बने कूनोके पुलका लोकार्पण करते समय केन्द्रीय मन्त्रीजीने दावा किया था कि यह पोहरीके विकासका प्रारूप है, जिसे समूचे प्रान्थ और सम्भागको देखना चाहिए और इसकी वास्तविकता आज सबके समक्ष है । उन्होंने आगे कहा कि निर्माणके समय से ही इसका घटिया निर्माण कार्य चल रहा था, जनप्रतिनिधियोंने कई बार इसकी कई बार परिवाद भी की थी, नरेन्द्रजीको बताया, मुख्यमन्त्रीजीको बताया, पीडब्ल्यूडीके अधिकारी सहित ब्रिज कॉर्पोरेशनके अधिकारियोंको बताया; लेकिन सुनवाई नहीं हुई !

पुलके निर्माणके लिए विधानसभामें भी प्रश्न उठाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ और यह कार्य इसी प्रकार चलता रहा । हमारे यहां हुई वर्षामें यह आठ कोटिकी लागतका पुल बह गया । बिना राजनैतिक संरक्षणके इतना बडा भ्रष्टाचार नहीं हो सकता ! सबसे दुखद बात यह है कि चार दिवस पश्चात भी जिला अधिकारी से लेकर कोई भी प्रशासनका बडा अधिकारीइसे देखने तक नहीं आया । जनताको न तो प्रशासन और न ही शासन यह विश्वास दिला रही है कि पुलको कितने दिवसोंमें तैयार किया जाएगा ।

स्रोत : जी न्यूज



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