सितम्बर १६, २०१८
उत्तर प्रदेशके गोरखपुममें चिकित्साके नामपर बडी संख्यामें निर्धनों व दलित वर्गके लोगोंका धर्म परिवर्तन करानेका खेल चल रहा था ! इस समूचे प्रकरणको पुलिसने शनिवारको उजागर किया । गुलरिहा थाना क्षेत्रके करमोदा गांव स्थित एक घरमें लगभग २०० महिलाएं एवं पुरुष एकत्रित थे । एक व्यक्तिकी सूचनापर पुलिस और एलआईयूने छापेमारी की, जहां से पांच लोग बन्दी बनाए गए । एसपी नॉर्थ रोहित सिंह सजवाणके अनुसार, शनिवार देर शाम करमोदा गांवके विजयने पुलिसको धर्म परिवर्तनसे सबन्धित एक सन्दिग्ध गतिविधिकी सूचना दी । पुलिस और एलआईयू दल वहां पहुंचे, जहां एक घरमें लगभग २०० महिलाएं और पुरुष एकत्र थे ।
जांचके समय ज्ञात हुआ कि इसका मालिक और मुख्य आरोपी अनिल कुमार गत १० वर्षोंसे यीशु मसीहकी प्रार्थना करते हैं । यही नहीं, वे अपने चार साथियों प्रद्युम्न, दीपक, मोनू और रविन्द्रके साथ मिलकर दूसरे धर्मोंके विरुद्ध दुषप्रचार करते थे ।
आरोप है कि पांचों लोग गांववालोंसे ईसाई धर्म अपनाने पर सारे रोग दूर होनेका दावा कर रहे थे । पुलिस जांचमें कुछ लोग वहां ऐसे भी मिले, जिनका दावा था कि उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया और रोग दूर हो गए ! पुलिसने इस प्रकरणमें ‘आईपीसी १५३ ए’, १४७ और ‘औषधि एवं चमत्कारी उपचार अधिनियम’की धारा-७ प्रविष्ट करनेके साथ ही जांच आरम्भ कर दी । एक अधिकारीके अनुसार, वहां उपस्थित अधिकतर लोग या तो निर्धन परिवारोंसे सम्बन्ध रखनेवाले थे अथवा पिछडी जातियों से थे ।
“धर्मान्ध ईसाइयोंका यह खेल समूचे भारतमें चल रहा है, जिसे तथाकथित हिन्दुवादी शासन भी रोकनेमें पूर्णतया असमर्थ है ! हिन्दुओं ! यदि आने वाली पीढियोंको सम्पन्न देखना चाहते हो तो एकत्र होकर इन धर्मद्रोहियोंका विरोध कर, इन्हें देशसे बाहर फेंको !!” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नवभारतटाइम्स
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