तिरुपति देवालय कोषकी जांचके लिए स्वामीकी याचिकाको उच्चतम न्यायालयने नकारा


सितम्बर १७, २०१८

उच्चतम न्यायालयने सोमवारको सुब्रमण्यम स्वामीकी तिरुपति देवालय कोषकी जांच करानेकी मांग सम्बन्धी याचिकापर सुनवाई से मना कर दिया । यद्यपि न्यायालयने कहा कि आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालयमें याचिका प्रविष्ट कर सकते हैं । सुब्रमण्यम स्वामीने अपनी याचिकामें मांग की है कि तिरुपति देवालयके गत तीन वर्षोके खाते, देवालयकी सम्पत्ति और आभूषणोंकी जांच कराई जाए ! स्वामीका कहना है कि जब तक याचिका लम्बित है, तबतक देवालयकी कैगद्वारा जांच कराई जाए । उनकी मांग है कि जांचका कार्य छह माहमें पूर्ण किया जाए ।

स्वामीने ‘ट्वीट’ कर बताया कि न्यायालयने उनसे कहा कि वह तिरुपति देवालयकी जांच कराने सम्बन्धी याचिका आन्ध्र प्रदेश उच्च न्यायालयमें प्रविष्ट करें ।
बता दें कि तिरुपति बालाजीके देवालयके कोषकी जांच करानेकी मांग अक्सर उठती रहती है । एक अनुमानके अनुसार कोषमें ५० सहस्त्र कोट्यावधिकी सम्पत्ति है ।  कुछ दिवस पूर्व केन्द्रीय सूचना आयुक्त अर्थात् सीआईसीने प्रश्न किया था कि विजयवाडाके १६वीं शताब्दीके शासक कृष्णदेव रायकी ओर से तिरूपतिमें भगवान वेंकटेश्वरके देवालयको दानमें दिए गए आभूषण कहां हैं ?

“न्यायालय व शासन चाहते क्या हैं, वह स्पष्ट करें ! क्या हिन्दू देवालय चोर है ? और यह सम्पत्ति देवालयकी है, सरकारोंकी नहीं ! मोदी शासन देवालयोंको शासकीय नियन्त्रणसे मुक्त करने हेतु आया था और अब उनका व्यवहार देवालयोंकी ओर ब्रिटिश वायसरायकी भांति क्यों है ? देवालयोंकी ओर कुदृष्टि रखने से अच्छा है, सरकारें अपने कुकर्म ठीक करें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



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