सितम्बर २३, २०१८
भारतीय सेनाके हुतात्मा जवान रविन्द्र सम्ब्यालकी पत्नी नीरू सम्ब्याल अदम्य साहस और सशक्त इच्छाशक्तिका परिचय देते हुए आर्मी प्रशिक्षण प्राप्त करनेके पश्चात लेफ्टिनेंट बनीं ! नीरूके पति राइफलमैन रविन्द्र वर्ष २०१५ में सेवाकालके समय हुतात्मा हो गए थे । दो वर्ष पूर्व ही अप्रैल २०१३ में नीरूसे उनका विवाह हुआ था । दोनोंकी एक पुत्री भी थी । एकाएक पतिकी मृत्यु उनके लिए एक बडा दुःख था, लेकिन नीरूने एक बडा निर्णत्र लिया । वह टूटी नहीं, बल्कि अपनी पुत्रीके भविष्य और पतिके पदचिन्होंपर आगे बढते रहनेके लिए भारतीय सेनामें सम्मिलित होनेका निश्चय किया । वो सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करनेके पश्चात भारतीय सेनामें लेफ्टिनेंट बनीं ।
‘एएनआई’के अनुसार, अपने संघर्ष और इस निर्णयके पीछेकी प्रेरणाके बारेमें नीरू कहती हैं, “मेरा विवाह अप्रैल २०१३ में रविन्द्र सिंह सम्ब्यालके साथ हुई थी । मेरे पति पैदल सेनामें थे । उनके हुतात्मा होनेके पश्चात इस सत्यको स्वीकार करना कि अब वे नहीं रहे, काफी कठिन था । जब मैंने अपनी पुत्रीको देखा, तो मुझे उससे प्रेरणा मिली । एक नई शक्ति और उर्जा मिली । मैं नहीं चाहती कि उसे कभी अपने पिताके न होनेका आभास हो । मैं माता-पिता दोनोंकी भांति उसे प्रेम करती हूं । उसे कभी ऐसा नहीं होने दिया कि उसके पिता अब नहीं हैं । पुत्रीके कारण मिली प्रेरणाने मुझे ४९ सप्ताहके प्रशिक्षणके समय सहायता की । मुझे ८ सितम्बर २०१८ को कमीशन मिला । सेनामें होनेके कारण मानसिक रूपसे सशक्त होना पडता है । कभी-कभी ऐसी परिस्थतियां आती है, जहां शरीरिक नहीं, बल्कि मानसिक शक्ति चाहिए होती है ।”
नीरूको अपने परिजनोंका भी काफी सहयोग मिला । इस सफलताके पीछे उनके मायके और ससुराल पक्ष दोनोंका योगदान रहा । अपनी पुत्रीकी सफलतापर प्रसन्न हुए नीरूके पिता दर्शन सिंह सलाठिया कहते हैं, “मैं आज बहुत प्रसन्न हूं । पुत्रीकी सफलतापर मुझे गर्व है । मैंने उसे सहयोग करनेके लिए हर सम्भव प्रयास किया !”
“हुतात्मा जवानकी इन साहसी पत्नीके इस अदम्य साहसको हम नमन करते हैं ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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