पवित्र दुर्गा पूजाके पण्डालोंमें दिखेंगे विधर्मी ममता बनर्जीके कई ‘रूप’ !!


सितम्बर २५, २०१८

दूर्गा पूजामें बंगालके भिन्न-भिन्न पण्डालोंमें मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीके कई रूप देखनेको मिलेंगे । संथाल समुदायके योगदानको लेकर ममता बनर्जीकी लिखी एक कविता भवानीपुरके एक पण्डालके लकडीके पट्टपर लिखी दिखेगी । मुख्यमन्त्री बनर्जीका लिखा एक गीत न्यू अलीपुर पूजामें बजाया जाएगा । पूजा समितिके एक सदस्यने बताया कि संथाल कविता ‘जोई जीतकौर देबान मीना’का (कहो, हम जीतेंगे) बांग्लामें अनुवाद करके नगरके दक्षिणी भागमें भवानीपुरके मुख्य पण्डाल ‘स्वाधीन संघ’के लकडीके पट्टपर नक्काशी करके लिखी जाएगी ।

भवानीपुरकी स्वाधीन संघ पूजा समितिके महासचिव असीम कुमार बोसने सोमवारको बताया कि संथाल कविताके अतिरिक्त आदिवासी पुरुषों और महिलाओंके कार्यके चित्र भी पण्डालके राहमें लगाई जाएंगी । बोसने कहा, ‘पण्डालमें संथाल जनसंख्याके योगदान और स्वतन्त्रता संग्राममें उनकी भूमिका दिखानेके साथ ही पुरूलिया, बांकुरा, पश्चिमी मिदनापुर क्षेत्रोंमें रहने वाले लोगोंमें संथाली जनसंख्याके बारेमें जागरूकता फैलाई जाएगी ।

ममताने पूजा पण्डालों और कई संस्थाओंको कुल मिलाकर २८ कोटि रुपए देनेकी घोषणा की थी । यही नहीं, उन्होंने दुर्गा पूजा समितिके लिए समर्पित एक गीत भी लिखा है । ममता बनर्जीने दुर्गा पूजाको केवल बंगालका गौरव ही नहीं, बल्कि वैश्विक उत्सव बताया । उन्होंने कहा, “पूजा हमारा गौरव है । टेम्स नदीके (लंदन) किनारे भी पूजापर एक प्रदर्शनी आयोजित होती है । स्वयंसेवक दिन-रात कार्यकर सभी प्रकारकी परिस्थितियोंको सम्भालते हैं । पूजा अब विश्व मेला बन चुका है ।”

“ममता बैनर्जी भी मतदान निकट आते ही राहुल गांधीके पदचिह्नोंपर अग्रसर है, परन्तु यह ध्यान रखे कि जो स्थिति कांग्रेसकी हुई है, पवित्र भूमि बंगालको अपवित्र करने वाली, हिन्दुओंकी स्थितिको दयनीय करने वाली, नरपिशाचोंको बंगालमें घुसाकर हिन्दू स्त्रियोंका चरित्र हनन कराने वाली, ममता बैनर्जीकी स्थिति उससे भी विकट होगी !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : आजतक



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