पवित्र दुर्गा पूजाके पण्डालोंमें दिखेंगे ममता बनर्जीके नए रूप !
बंगालमें मुसलमान तुष्टीकरणकी पुरोधा, ममताको अब हिन्दुओंका मन लुभाने की है !
दुर्गा पूजामें बंगालके भिन्न-भिन्न पण्डालोंमें मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीके कई रूप देखनेको मिलेंगे । संथाल समुदायके योगदानको लेकर ममता बनर्जीकी लिखी एक कविता भवानीपुरके एक पण्डालके लकडीके पट्टपर लिखी दिखेगी । मुख्यमन्त्री बनर्जीका लिखा एक गीत न्यू अलीपुर पूजामें बजाया जाएगा । पूजा समितिके एक सदस्यने बताया कि संथाल कविता ‘जोई जीत कौर देबान मीना’का (कहो, हम जीतेंगे) बांग्लामें अनुवाद करके नगरके दक्षिणी भागमें भवानीपुरके मुख्य पण्डाल ‘स्वाधीन संघ’के लकडीके पट्टपर नक्काशी करके लिखी जाएगी ।
ममताने पूजा पण्डालों और कई संस्थाओंको कुल मिलाकर २८ कोटि रुपए देनेकी घोषणा की थी । यही नहीं, उन्होंने दुर्गा पूजा समितिके लिए समर्पित एक गीत भी लिखा है । ममता बनर्जीने दुर्गा पूजाको केवल बंगालका गौरव ही नहीं, बल्कि वैश्विक उत्सव बताया । उन्होंने कहा, “पूजा हमारा गौरव है । टेम्स नदीके (लंदन) किनारे भी पूजापर एक प्रदर्शनी आयोजित होती है । स्वयंसेवक दिन-रात कार्यकर सभी प्रकारकी परिस्थितियोंको सम्भालते हैं । पूजा अब विश्व मेला बन चुका है ।”
ममता बैनर्जी भी मतदान निकट आते ही राहुल गांधीके पदचिह्नोंपर अग्रसर है । बंगालमें मुसलमानोंकी तुष्टिकरणकी राजनीति करनेवाली ममताको अन्य कांग्रेसी और साम्यवादी राजनेताओं समान हिन्दुओंका स्मरण होने लगा है ! हिन्दुओ, सतर्क हो जाओ, ऐसे राजनेता विश्वासके पात्र नहीं है, इन्हें मात्र अपनी सत्तासे प्रेम है, सत्ता सुख पाने हेतु ये कुछ भी कर सकते हैं । इससे यह भी सिद्ध होने लगा है कि राजनेताओंको भी अब समझमें आने लगा है कि हिन्दुओंको अब अधिक दिन मूर्ख नहीं बनाया जा सकता है, वह जागृत हो रहा है, संगठित हो रहा है, अब उसके पक्षमें जानेमें ही उनकी भलाई है ! ऐसे बिना पेंदेके लोटे समान नीतिशून्य राजनीतिज्ञ सत्ताके नहीं, मात्र धिक्कारके पात्र हैं । – तनुजा ठाकुर
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