सितम्बर २७, २०१८
न्यायालयकी कडाई और पुलिसकी कार्यवाहीके पश्चात जौनपुरके भूलन डीह गांवका पूरा दृश्य परिवर्तन हो गया है । अब गांवमें प्रार्थना सभाएं नहीं, कीर्तन होते हैं ! भूलन डीह गांव वही गांव है, जो धर्म परिवर्तनको लेकर समाचारोंमें रहा था । आरोप था कि ईसाई मिशनरी लोगोंको बहलाकर धर्म परिवर्तन करा रही हैं ! लेकिन अब गांवका वातावरण परिवर्तित हो गई हैं । गांवमें आर्य समाजके लोगोंने हवन यज्ञ करके गांवके लोगोंका शुद्धिकरण कराया । लोग अब पुनः सनातन धर्ममें लौट रहे हैं, जिस स्थानपर सभा होती थी, आज वहां धार्मिक कीर्तन होने लगा है ! ईसाई मिशनरीके लोग भाग चुके हैं और उनसे जुडे लोग भी यहां नहीं दिख रहे हैं !
न्यायालयके आदेशके पश्चात गांवमें लोगोंके विचारोंमें पुनः परिवर्तन आ रहा है । गांवमें आर्य समाजके लोगोंने हवन यज्ञ करके गांवके लोगोंका शुद्धिकरण कराया । धर्मान्तरण कर चुके लोगोंको अपनी चूकोंका भान हो रहा है, जिसके पश्चात वो दोबारा से सनातन धर्ममें लौट रहे है !
गांवमें आर्य समाज प्रमुख कुलदीप विद्यार्थीने बताया कि इस क्षेत्रमें ईसाई मिशनरी सक्रिय थे । रविवार और मंगलवारके दिन चंगाई सभाके नामपर यहां पर आस-पासके गांवके निर्धनोंको बहलाकर गिरिजाघरमें बुलाकर बाइबल पढाई जाती थी । यहां तक कि उनसे हिन्दू धर्मकी बुराई भी कराई जाती थी । इस पूरे क्षेत्रमें लगभग आधा दर्जन गांवमें लोग भगवानको छोडकर यीशुको मनाने लगे थे ! ग्रामीणोंका कहना है कि आर्य समाजके लोग यहां आए और गांव-गांवमें घूमकर लोगोंको समझाया । गांवमें यज्ञ करके शुद्धिकरण कराया हम लोग भी इससे प्रसन्न हैं कि हम लोग अपने घर वापस आ गए । गांवके अन्य लोग भी आर्य समाजद्वारा किए जा रहे पूजा-पाठ से और अपनी घर वापसी को लेकर काफी प्रसन्न है ।
“इस समाचारसे अत्यधिक हर्ष हो रहा है कि हिन्दुओंको धर्मान्ध मिशनरियोंसे छूटकारा मिला व पुनः सनातनमें वापसी हुई । आशा है कि इनके दुष्कृत्योंको पहचान सम्पूर्ण भारतवर्षके लोग इन विधर्मियोंका विरोधकर इन्हें भगाएंगे और पुनः सवर्णिम रामराज्यकी स्थापना होगी ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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